इस साल 28 जनवरी को हुई जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के दौरान हुए पेपर लीक की जांच की मांग को लेकर हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जेएसएससी को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई तीन दिसंबर को करेगी. आवेदकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार और अपराजिता भारद्वाज ने बहस की. जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल ने बहस की. दरअसल, राज्य सरकार ने जनवरी महीने में JSSC CGL परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें पेपर लीक का मामला सामने आया था. जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच की.
पेपर लीक मामले की जांच के लिए तीन डीएसपी समेत सात पुलिस अधिकारियों की एसआईटी गठित की गई थी. एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट भी कोर्ट को सौंप दी है ।

गौरतलब है कि 28 जनवरी को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (एसएससी-सीजीएल) का पेपर लीक हो गया था. इसके बाद आयोग ने पहले यानी तीसरे पेपर को रद्द कर दिया थासामान्य ज्ञान परीक्षा. अभ्यर्थियों के हंगामे के बाद आयोग को तीनों पेपर की परीक्षा रद्द करनी पड़ी. इस एसएससी-सीजीएल परीक्षा के माध्यम से राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में 2025 पदों पर नियुक्ति की जानी थी। इसके लिए साढ़े छह लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। रांची पुलिस की एसआईटी ने झारखंड विधानसभा के अवर सचिव मो. इस पेपर लीक मामले में. शमीम और उसके दोनों बेटों को फरवरी महीने में ही गिरफ्तार कर लिया गया था. उनके पास से कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, कई नामों के ब्लैंक चेक और कुछ मोबाइल फोन बरामद हुए हैं