राहुल गांधी को झारखंड हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, चाईबासा कोर्ट के संज्ञान लेने और आरोप गठन का आदेश रद्द

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट के जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने चाईबासा सिविल कोर्ट द्वारा उनके विरुद्ध दर्ज मामले में संज्ञान लेने के आदेश को रद्द कर दिया है. राहुल गांधी के अधिवक्ता दीपांकर राय ने  बताया कि दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने संज्ञान लेने के आदेश और आरोप गठन को क्वैश करके रिमांड बैक कर दिया है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता गौतम राकेश ने पक्ष रखा.




पूर्व में सशरीर हाजिर हुए थे राहुल गांधी:-

दरअसल, पूर्व में शिकायत को वरिष्ठ मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दिया था. जिसके खिलाफ शिकायतकर्ता ने सत्र न्यायालय के समक्ष आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दायर की थी. इसके बाद वरिष्ठ मजिस्ट्रेट ने संज्ञान लेकर समन जारी कर दिया था. इसके साथ ही पुनरीक्षण को अनुमति दे दी थी. मामला भाजपा नेता अमित शाह के खिलाफ अमार्यादित टिप्पणी से जुड़ा है. इसी के खिलाफ चाईबासा के भाजपा नेता प्रताप कुमार कटियार ने मानहानि का मुकदमा दायर किया था. इसी मामले में राहुल गांधी को 6 अगस्त को चाईबासा की विशेष अदालत में सशरीर हाजिर होना पड़ा था. तब दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने राहुल गांधी को सशर्त जमानत दे दी थी.

पूर्व में राहुल गांधी ने 2 जून को विशेष अदालत के उस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें उन्हें 26 जून को पेश होने का निर्देश दिया गया था. राहुल गांधी के वकील ने हाईकोर्ट को सूचित किया था कि उनके मुवक्किल उस दिन पेश नहीं हो पाएंगे. इसके बजाय उन्होंने हाईकोर्ट से राहुल को चाईबासा कोर्ट में पेश होने के लिए 6 अगस्त के बाद की तारीख देने का अनुरोध किया था. हाईकोर्ट ने उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया था

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