मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक, कई अहम प्रस्तावों को मिली स्वीकृति

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मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें राज्यहित से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैंः

शिक्षा क्षेत्र : बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय धनबाद व इसके अंगीभूत महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई। साथ ही, विश्वविद्यालयों में शिक्षकों एवं गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों की नियुक्ति और पदोन्नति संबंधी परिनियमों में संशोधन को स्वीकृति दी गई। राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों (कक्षा 9 से 12) के छात्रों को निशुल्क पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया गया। इसके अतिरिक्त 480 सरकारी माध्यमिक/उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशालाएँ स्थापित करने की मंजूरी दी गई।

कर्मचारी हित : राज्य सरकार के कर्मचारियों को 1 जुलाई 2025 से 58% महंगाई भत्ता और पेंशनधारियों को 58% महंगाई राहत देने की स्वीकृति दी गई।

महिला एवं बाल विकास : मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर वार्षिक व्यय दर 2,000 रुपये से बढ़ाकर 8,000 रुपये कर दी गई। मिशन शक्ति के तहत महिला हेल्पलाइन योजना के कार्यान्वयन को मंजूरी मिली।

स्वास्थ्य सेवाएँ : राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 207 एएलएस एम्बुलेंस खरीदने हेतु 1 अरब 3 करोड़ 50 लाख रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई।

खेल एवं युवा कार्य : झारखंड खेल नीति-2022 के तहत खेल महासंघों को अनुदान देने की अनुमति दी गई। रांची में 4th SAAF Senior Athletic Championship 2025 के आयोजन हेतु एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और झारखंड सरकार के बीच एमओयू पर सहमति बनी।

न्याय एवं विधि व्यवस्था : राज्य के सभी थानों में विधि-व्यवस्था व पेट्रोलिंग को सुदृढ़ करने हेतु 628 चारपहिया और 849 दोपहिया वाहनों की खरीद को स्वीकृति दी गई। झारखंड उच्च न्यायालय के प्लेटिनम जुबली समारोह के लिए 1 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि मंजूर की गई।

अन्य निर्णय :

गोड्डा जिले की तरडीहा बराज योजना के लिए 31.65 करोड़ रुपये का संशोधित प्राक्कलन स्वीकृत।

Registered Post का Speed Post में विलय कर कानूनी प्रावधानों में संशोधन।

राजकीय महिला पॉलिटेक्निक, जमशेदपुर में नए भवन व जीर्णोद्धार कार्य हेतु 55.14 करोड़ रुपये स्वीकृत।

सारंडा वन क्षेत्र को अभ्यारण्य घोषित करने पर चर्चा, इस बात पर सहमति कि वहां रहने वाले लोगों को विस्थापित नहीं किया जाएगा और उनकी सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान व अधिकार सुरक्षित रहेंगे।

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