
रांची के HCG कैंसर अस्पताल में स्तन कैंसर विजेताओं और महिला आइकन्स के सम्मान में एक विशेष रैंप वॉक, प्रारंभिक जांच को बढ़ावा देने और जागरूकता फैलाने की पहल की।
एचसीजी अब्दुर रज़्ज़ाक अंसारी कैंसर अस्पताल, रांची द्वारा ‘द पिंक कार्पेट’ नामक एक अनूठा रैंप वॉक आयोजित किया गया, जो स्तन कैंसर विजेताओं और महिला प्रतीकों के साहस और दृढ़ता का उत्सव था। “गो पिंक, गेट स्क्रीनड” थीम के साथ इस आयोजन का उद्देश्य प्रारंभिक जांच को प्रोत्साहित करना, जागरूकता बढ़ाना और समुदायों को स्तन कैंसर के खिलाफ एकजुट करना था।

इस कार्यक्रम में झारखंड राज्य आरोग्य सोसायटी, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार, रांची की कार्यकारी निदेशक श्रीमती नेहा अरोड़ा (आईएएस) की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
इस आयोजन में 60 से 80 स्तन कैंसर से विजयी महिलाएं और विभिन्न क्षेत्रों की महिला आइकन्स ने आत्मविश्वास और सौम्यता के साथ रैंप पर चलकर सबका मन मोह लिया। कार्यक्रम में 120 से अधिक मेहमानों ने भाग लिया, जिनमें परिवारजन, चिकित्सा विशेषज्ञ, एनजीओ प्रतिनिधि आदि शामिल थे। यह रैंप वॉक केवल फैशन नहीं, बल्कि शक्ति, सौंदर्य और आशा का प्रतीक था। थ्राइवर्स का मंच पर चलना दृढ़ता और समय पर जांच की महत्ता का सशक्त संदेश दे रहा था। वरिष्ठ डॉक्टरों और अस्पताल प्रतिनिधियों ने एचसीजी की जागरूकता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई और नियमित जांच की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने महिलाओं से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और समय पर जांच करवाने का आग्रह किया।

एचसीजी कैंसर अस्पताल, रांची के वरिष्ठ सलाहकार – रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, डॉ. एम. डी. अफताब आलम अंसारी ने कहा, “स्तन कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर यह समझना अत्यंत आवश्यक है कि अब कैंसर केवल उम्र तक सीमित नहीं रह गया है। यद्यपि आनुवंशिक कारण एक भूमिका निभाते हैं, परंतु आजकल जीवनशैली, आहार और पर्यावरणीय कारक भी युवा महिलाओं में जोखिम बढ़ा रहे हैं। निष्क्रिय जीवनशैली, प्रसंस्कृत भोजन और देर से गर्भधारण जैसी आदतें इसमें योगदान दे रही हैं। ऐसे कार्यक्रम समुदाय के लिए मील का पत्थर साबित होते हैं, जो प्रेरणादायक कहानियों के माध्यम से प्रारंभिक जांच और समय पर चिकित्सा की आवश्यकता पर जोर देते हैं।” डॉ. चंद्रशेखर प्रसाद सिंह, सलाहकार – मेडिकल, एचसीजी अब्दुर रज़्ज़ाक अंसारी कैंसर अस्पताल, रांची ने कहा, “बहुत कम महिलाएं सही तरीके से स्व-परीक्षण करना जानती हैं। भय और सामाजिक कलंक के कारण वे सहायता लेने से हिचकिचाती हैं। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम प्रारंभिक जांच को प्रोत्साहित करते हैं, संवाद को बढ़ावा देते हैं और समुदाय को स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने एवं एक-दूसरे का समर्थन करने के लिए प्रेरित करते हैं।

श्री एस. ए. अंसारी, कार्यकारी निदेशक, एचसीजी अब्दुर रज़्ज़ाक अंसारी कैंसर अस्पताल, रांची ने कहा,
“यह पहल वास्तव में जागरूकता आधारित आयोजनों की शक्ति को उजागर करती है। हमें प्राप्त जबरदस्त प्रतिक्रिया ने हमें ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने के लिए प्रेरित किया है, ताकि समुदाय प्रारंभिक जांच के लिए आगे आए, समय पर चिकित्सा मार्गदर्शन प्राप्त करे और एक-दूसरे का सहयोग करे। निरंतर प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि स्वास्थ्य केवल संकट के समय नहीं, बल्कि हर दिन प्राथमिकता में बना रहे।”श्री इरशाद खान, मुख्य परिचालन अधिकारी, एचसीजी अब्दुर रज़्ज़ाक अंसारी कैंसर अस्पताल, रांची ने कहा, “एचसीजी में जागरूकता फैलाना हमेशा से हमारे प्रयासों का केंद्र रहा है। ‘द पिंक कार्पेट’ ऐसे कई आयोजनों में से एक है जिसके माध्यम से हम लोगों को शिक्षित, सशक्त और सहयोग करने का प्रयास करते हैं। वर्षों से हमारा संकल्प न केवल उन्नत उपचार प्रदान करना रहा है बल्कि समुदाय को सूचित, प्रेरित और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाए रखना भी रहा है।” एचसीजी अब्दुर रज़्ज़ाक अंसारी कैंसर अस्पताल का ‘द पिंक कार्पेट’ रैंप वॉक न केवल स्तन कैंसर विजेताओं के साहस का उत्सव था, बल्कि इसने प्रारंभिक जांच के लिए सामुदायिक अभियान को प्रज्वलित किया, जो अस्पताल की जागरूकता, सशक्तिकरण और समय पर देखभाल के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।