भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 में झारखंड पवेलियन बना आकर्षण का केंद्र – पतरातू वैली और माइनिंग टूरिज्म ने खींचा सबका ध्यान

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नई दिल्ली, 22 नवम्बर 2025 : भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (IITF) 2025 में इस वर्ष फोकस स्टेट के रूप में शामिल झारखंड पवेलियन ने देशभर के आगंतुकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। शनिवार को पवेलियन में भारी भीड़ उमड़ी, जहां पतरातू वैली और खनन पर्यटन (Mining Tourism) प्रमुख आकर्षण रहे।

झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत “माइनिंग टूरिज्म मॉडल” ने पूरे देश के सामने राज्य की औद्योगिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक पहचान को एक नई दिशा दी। प्रशिक्षित गाइडों की मदद से पर्यटक यहां कोयला खदानों के कार्यप्रणालियों, अत्याधुनिक तकनीकों और सुरक्षित खनन प्रणालियों को नजदीक से समझ पा रहे हैं। इस पहल के माध्यम से झारखंड न केवल ऊर्जा उत्पादन में अपनी भूमिका दर्शा रहा है, बल्कि पर्यटन के नए आयाम भी स्थापित कर रहा है।


🎥 वर्चुअल रियलिटी अनुभव बना आकर्षण का केंद्र
झारखंड टूरिज्म विभाग द्वारा लगाई गई वर्चुअल रियलिटी (VR) प्रस्तुति आगंतुकों को राज्य के प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों की मनमोहक झलक दिखा रही है।
इस VR अनुभव में पतरातू वैली, नेतरहाट, सारंडा फॉरेस्ट, बेतला नेशनल पार्क, चांडिल डैम और पारसनाथ जैसे प्रमुख स्थलों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।

🛕 झारखंड की आध्यात्मिक धरोहर भी बनी आकर्षण
पवेलियन में झारखंड की आध्यात्मिक पहचान भी दर्शाई गई है, जिसमें बैद्यनाथ धाम (देवघर), शक्तिपीठ हृदयपीठ और श्री बंशीधर मंदिर की प्रदर्शनी शामिल है। यहां भगवान श्रीकृष्ण की 32 मन (1280 किलोग्राम) शुद्ध सोने से निर्मित प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

🌄 पतरातू वैली की सुंदरता ने लुभाया हर दर्शक को
हरी-भरी वादियों, झीलों और बांधों से सजी पतरातू वैली ने आगंतुकों का दिल जीत लिया। झारखंड सरकार द्वारा विकसित व्यू प्वाइंट, कैफेटेरिया और मनोरंजन सुविधाएं इस स्थान को राज्य के शीर्ष पर्यटन स्थलों में बदल रही हैं।

🔹 झारखंड – उभरता हुआ पर्यटन और निवेश गंतव्य
राज्य सरकार द्वारा बुनियादी ढांचा विकास, स्थानीय समुदाय की भागीदारी और सांस्कृतिक संरक्षण के माध्यम से झारखंड अब देश के प्रमुख पर्यटन और निवेश गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है।

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