मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक — राज्य में शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय ।

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखण्ड मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार, शिक्षा, सड़क निर्माण, पर्यावरण संरक्षण और किसानों के कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।


बैठक के प्रमुख निर्णय:

🎓 शिक्षा क्षेत्र में बड़ी पहल

नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय, पलामू अंतर्गत बालूमाथ में डिग्री कॉलेज निर्माण के लिए ₹38.82 करोड़ की स्वीकृति।

विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग अंतर्गत सिमरिया में डिग्री कॉलेज निर्माण हेतु ₹34.62 करोड़ की स्वीकृति।

रांची विश्वविद्यालय में शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन (Restructuring) की मंजूरी।

संस्कृत महाविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को पंचम, छठा और सप्तम वेतनमान की स्वीकृति।


🚜 किसानों के लिए राहत भरी घोषणा

‘झारखण्ड राज्य धान अधिप्राप्ति योजना’ को मंजूरी।

किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,183 प्रति क्विंटल के साथ ₹267 बोनस, कुल ₹2,450 प्रति क्विंटल की दर से धान अधिप्राप्ति होगी।

इसके लिए ₹48.60 करोड़ की राशि स्वीकृत।


🏗️ बुनियादी ढांचे और सड़क निर्माण

सिरमटोली चौक से मेकॉन गोलचक्कर (रांची) तक 2.34 किमी लंबा चार लेन फ्लाईओवर/एलिवेटेड रोड निर्माण हेतु ₹470.12 करोड़ की स्वीकृति।

डालटनगंज–चैनपुर पथ पर नॉर्थ कोयल नदी पर उच्चस्तरीय पुल के निर्माण हेतु ₹64.06 करोड़।

गुमला जिले में बांकुटोली–कुरकुरा–बानो पथ (33.5 किमी) के चौड़ीकरण हेतु ₹140.51 करोड़।

गोड्डा और साहेबगंज जिले में सड़कों के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए ₹189.11 करोड़ की मंजूरी।


🌿 पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण

गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केन्द्र, मुटा (BNHS के साथ MoU) के संचालन को मंजूरी।

झारखण्ड पारिस्थितिकी पर्यटन प्राधिकरण (JETA) के नियमों एवं उपनियमों में संशोधन की स्वीकृति।


⚖️ न्यायिक अनुपालन एवं सेवा नियमितीकरण

कई न्यायालय आदेशों के अनुपालन में विभिन्न कर्मियों की सेवा नियमितीकरण एवं वित्तीय लाभ स्वीकृत किए गए।

डॉ. पुष्पलता, डॉ. प्रभु सहाय लिंडा और डॉ. अंजना गांधी से संबंधित प्रशासनिक निर्णय लिए गए।



🏛️ वित्तीय एवं प्रशासनिक निर्णय

झारखण्ड कोषागार संहिता, 2016 में संशोधन की स्वीकृति।

झारखण्ड खनिज धारित भूमि उपकर अधिनियम, 2024 की अनुसूची में संशोधन स्वीकृत।

भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक (CAG) की वर्ष 2022 की रिपोर्ट को विधान सभा में प्रस्तुत करने की स्वीकृति।


समापन

मंत्रिपरिषद के इन निर्णयों से झारखण्ड में शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य, पर्यावरण और किसान हितों को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि सरकार “समान विकास, सबका अधिकार और सम्मान” की नीति पर लगातार कार्यरत है।

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