स्विट्जरलैंड जाएंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लेंगे वर्ल्ड इकोनॉमिक फॉर्म में हिस्सा।

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स्विट्जरलैंड के दावोस में 19 जनवरी 2026 से पांच दिवसीय वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम होगा। इस बार केंद्र सरकार ने झारखंड को इस फोरम में शामिल होने के लिए अधिकृत किया है। इसमें शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी जाएगा। यह पहला मौका है, जब झारखंड इस फोरम में भाग लेगा। सरकार ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन होगा, यह तय करने की प्रक्रिया चल रही है। उद्योग विभाग लॉजिस्टिक पार्टनर चयन करने में भी जुट गया है। वहां झारखंड की ओर से पैवेलियन में स्टॉल लगाया जाएगा। इस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भी शामिल होने की उम्मीद है।

झारखंड बताएगा… भारत के कुल खनिजों का 40% हमारे यहां, राज्य में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं।


पिछले कई सालों से स्विट्‌जरलैंड में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक हो रही है। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न देशों की सरकार, उद्योग और व्यापार को एक मंच पर लाकर वैश्विक चुनौतियों का समाधान ढूंढ़ना है।

इस बार का ये है लक्ष्य ।

टेक्नोलॉजी और एआई का भविष्य, आर्थिक बदलाव और नीति-निर्माण, टिकाऊ विकास और जलवायु परिवर्तन, वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और उसके समाधान का उपाय ढूंढ़ना मुख्य एजेंडा है। वर्तमान समय में दुनिया भर में राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक मतभेद बढ़ रहे हैं। ऐसे में कैसे सहयोग बढ़ाया जाए, इस पर भी चर्चा होगी। कौशल, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर कामगारों और युवाओं की तैयारियों को बढ़ाने पर भी बातें होगी। इनोवेशन को बड़े पैमाने पर और ज़िम्मेदारी से कैसे लागू करें, इस पर भी मंथन होगा। बायोटेक, एनर्जी और अन्य तकनीकों के उपयोग पर भी सत्र होंगे। संसाधन संरक्षण और समावेशी विकास को लेकर अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के बीच संतुुलन बनाने पर भी विचार होगा।

झारखंड का फोकस प्वाइंट यह होगा

फोरम के सामने झारखंड सरकार राज्य के संसाधनों, खासकर खनिज और उद्योग को लेकर अपना स्टॉल भारत पैवेलियन में लगाएगी। इसमें पूरा विश्व को बताया जाएगा कि झारखंड इंडस्ट्रियल पावर हाउस बन रहा है। भारत के कुल खनिजों का 40% इसी राज्य में है। यहां कोयला का 24%, आयरन ओर का 20% और कॉपर का 15% रिजर्व है। बॉक्साइट और मैगनीज का भी अपार भंडार है। औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं।

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