बोडेया गांव में हर्गड़ी मसना पूजा संपन्न — पूर्वजों के प्रति आस्था और परंपरा का अनोखा संगम ।

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रांची (13 दिसंबर 2025): कांके प्रखंड के बोडेया गांव में आज पारंपरिक हरगड़ी मसना पूजा का आयोजन बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया।
गांव के पहान विश्वकर्मा पहान की अगुवाई में सैकड़ों महिला-पुरुष गांव के अखाड़े में एकत्रित हुए और ढोल, मांदर, नगाड़ा की गूंज के बीच सामूहिक रूप से मसना स्थल तक पहुंचे।

मौके पर मसना स्थल की साफ-सफाई की गई और पूर्वजों को उड़द दाल, भात, खैनी, चुना, हड़िया, बरी, आलू, डुंबू, फूल-माला आदि अर्पित कर उन्हें याद किया गया तथा आशीर्वाद लिया गया।

इस पारंपरिक आयोजन में केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष श्री फूलचंद तिर्की विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि “हरगड़ी पूजा या मसना पूजा आदिवासी समाज की प्राचीन और रूढ़िवादी परंपरा है, जो हमारी संस्कृति और पूर्वजों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।”

पूस माह में आदिवासी समाज अपने पूर्वजों को सामूहिक रूप से याद करता है और यह आयोजन पूरे माह भर विभिन्न गांवों और मौजों में आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम में बोडेया पंचायत के सरपंच अमर तिर्की, ग्राम प्रधान अनिल उरांव, दालु पहान, रवि बिन्हा, रविंद्र बिन्हा, नीरज बांडो, सुशील उरांव, किसुन गाड़ी, आशीष टोप्पो, निर्मल लकड़ा, अमित टोप्पो, अविनाश रवि टोप्पो, अजीत लकड़ा, दीपक टोप्पो सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

यह आयोजन आदिवासी एकता, संस्कृति और पूर्वजों के प्रति सम्मान का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है।

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