
केन्द्रीय सरना समिति के केन्द्रीय कार्यालय, 13 आर.आई.टी. बिल्डिंग परिसर में आज एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में केन्द्रीय सरना समिति की केन्द्रीय महिला अध्यक्ष श्रीमती निशा भगत के साथ प्रशासन द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार एवं थप्पड़ मारने की घटना को लेकर कड़ी आपत्ति जताई गई।
इस अवसर पर केन्द्रीय सरना समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष श्री फुलचन्द तिर्की ने कहा कि वर्तमान समय में आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन पर चौतरफा हमला हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं जमीन दलालों द्वारा तो कहीं सरकारी प्रशासन की कार्रवाई के माध्यम से आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही है, घर तोड़े जा रहे हैं और लोगों को बेघर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि आंदोलनकारियों के साथ मारपीट की जा रही है, जो अत्यंत निंदनीय है।
केन्द्रीय महिला अध्यक्ष निशा भगत ने कहा कि केन्द्रीय सरना समिति हर हाल में रैयतों और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चाहे उन्हें किसी भी तरह की कठिनाई का सामना करना पड़े, लेकिन वे अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगी।

वहीं समिति की केन्द्रीय प्रवक्ता एंजेल लकड़ा ने कहा कि यह थप्पड़ केवल निशा भगत पर नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज पर मारा गया थप्पड़ है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार का कानूनी उल्लंघन हुआ है तो उसके लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है, एफआईआर दर्ज की जा सकती है, लेकिन किसी आंदोलनकारी महिला पर हाथ उठाना कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और बर्खास्तगी की मांग की, अन्यथा आदिवासी समाज द्वारा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
इस प्रेस वार्ता में केन्द्रीय सरना समिति के महासचिव संजय तिर्की, रांची जिला सरना समिति के अध्यक्ष अमर तिर्की, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष सत्यनारायण लकड़ा, प्रमोद एक्का, विनय उरांव एवं सोहन कच्छप सहित कई पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।