स्कूली शिक्षकों के 40 हजार पद खाली, 10 साल से J-TET नहीं, 3.50 लाख युवाओं का इंतज़ार लंबा

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झारखंड में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए इंतज़ार लगातार लंबा होता जा रहा है। राज्य में पिछले 10 वर्षों से झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (J-TET) आयोजित नहीं की गई है, जिसका सीधा असर स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है।


राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में इस समय करीब 40 हजार शिक्षक पद रिक्त पड़े हुए हैं। इन खाली पदों के कारण शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर लगभग 3.50 लाख युवा शिक्षक बनने की चाह लेकर वर्षों से परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया का इंतज़ार कर रहे हैं।


📌 2022 और 2023 की स्थिति


वर्ष 2022 में राज्य सरकार ने प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के लिए 50 हजार सहायक आचार्य पद सृजित किए थे। इसके बाद वर्ष 2023 में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें पहले चरण में 26 हजार पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चली और करीब 10 हजार अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल सकी।
हालांकि, पहले चरण के बाद भी लगभग 40 हजार पद खाली रह गए हैं।


📌 J-TET को लेकर अड़चन


J-TET परीक्षा नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पात्रता प्रमाणपत्र से वंचित हैं। बिना J-TET के शिक्षक नियुक्ति संभव नहीं है, जिससे युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। आखिरी बार यह परीक्षा वर्ष 2016 में आयोजित की गई थी।


📌 नियमावली में बदलाव की प्रक्रिया

राज्य सरकार द्वारा J-TET से जुड़ी नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया लगातार जारी है। शिक्षा विभाग का कहना है कि अभ्यर्थियों की आपत्तियों और सुझावों पर विचार किया जा रहा है। नियमावली अंतिम रूप लेने के बाद ही परीक्षा की तिथि तय की जाएगी।


📌 शिक्षक संगठनों की मांग


शिक्षक संगठनों और संघों ने सरकार से मांग की है कि नियमावली में शीघ्र संशोधन कर J-TET परीक्षा कराई जाए, ताकि रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। संगठनों का कहना है कि देरी से न सिर्फ युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता भी गिर रही है।


📌 जिलावार पदों की स्थिति


राज्य के कई जिलों में सैकड़ों से लेकर हजारों तक सहायक आचार्य के पद खाली हैं। ग्रामीण और आदिवासी बहुल इलाकों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है।


🔍 निष्कर्ष


एक ओर सरकार शिक्षा सुधार की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से लंबित J-TET और अधूरी नियुक्ति प्रक्रिया ने युवाओं को निराश कर दिया है। अब देखना होगा कि सरकार कब तक नियमावली संशोधन पूरा कर J-TET परीक्षा और शेष नियुक्तियों का रास्ता साफ करती है।

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