
रांची: झारखंड सरकार के अबुआ दिशोम बजट 2026–27 में ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य और पंचायती राज विभाग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने गांव, गरीब, महिला और युवाओं के समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए इन विभागों के बजट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है।
ग्रामीण विकास विभाग का बजट वर्ष 2025–26 के 9,841 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2026–27 में 12,347 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे आजीविका, आवास, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण कार्य विभाग के बजट को 4,576 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5,081 करोड़ रुपये किया गया है। इस राशि से ग्रामीण सड़कों, पुल-पुलियों और आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा, जिससे दूरस्थ गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
पंचायती राज विभाग का बजट भी 2,144 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,283 करोड़ रुपये किया गया है। इससे पंचायतों को सशक्त बनाने और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।
ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि महिलाओं के लिए संचालित 250 योजनाओं के तहत लगभग 34,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जेंडर बजटिंग को 35 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है, जिससे महिलाओं को बराबरी के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि चाइल्ड बजटिंग के तहत 132 योजनाओं के लिए 10 प्रतिशत से अधिक यानी 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि निर्धारित की गई है। यह बजट महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण समाज को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास और पंचायती राज के लिए यह बजट ऐतिहासिक साबित होगा और इसका उद्देश्य गांवों की संरचना के साथ-साथ ग्रामीणों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है।
केंद्र से बकाया राशि पर उन्होंने कहा कि सभी मानकों को पूरा करने के बावजूद लगभग 1,300 करोड़ रुपये की राशि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शेष राशि जल्द जारी होगी, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी।