
पटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़े राजनीतिक बदलाव और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की “राजनीतिक हत्या” कर दी है और बिहार की जनता के जनादेश का अपमान किया है।
विपक्ष का कहना है कि जिस चेहरे पर बिहार की जनता ने भरोसा जताते हुए सरकार बनाई थी, उसी नेता को अब राजनीतिक मुख्यधारा से दूर करने की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप है कि भाजपा की यह रणनीति काफी समय से चल रही थी और अब इसका असर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है।
विपक्षी नेताओं ने यह भी आशंका जताई है कि आने वाले समय में जनता दल (यूनाइटेड) का भाजपा में विलय भी हो सकता है। इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं।
इस मुद्दे को लेकर झारखंड की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है। नेताओं का कहना है कि झारखंड में ऐसी किसी भी राजनीतिक साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उनका दावा है कि राज्य की जनता लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हमेशा सतर्क रही है और भाजपा की किसी भी राजनीतिक चाल को कामयाब नहीं होने देगी।
फिलहाल बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों पर पूरे देश की नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।