
कुम्बा (नगर ऊंटारी) | उत्तर प्रदेश सीमा से सटे झारखंड के नगर ऊंटारी पल्ली के दूरस्थ कुम्बा गांव में गुड फ्राइडे के अवसर पर गहरी आस्था और श्रद्धा के साथ धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया। पहाड़ी की चोटी पर बसे इस गांव में “क्रूस का रास्ता” (Way of the Cross) की पवित्र यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

दूर-दराज़ क्षेत्र होने के बावजूद, लगभग 200 विश्वासी पहाड़ी पर एकत्रित हुए। उनकी उपस्थिति ने यह दर्शाया कि सच्ची भक्ति और विश्वास किसी स्थान की सीमाओं में बंधे नहीं होते।
इस अवसर पर अतिमान्यवर बिशप थियोडोर मस्कारेनहास विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ मिलकर प्रार्थना की और यीशु मसीह के दुख, बलिदान और प्रेम पर गहन चिंतन प्रस्तुत किया।

अपने संदेश में बिशप थियोडोर ने कहा कि क्रूस पर यीशु का बलिदान संपूर्ण मानवता के प्रति उनके असीम प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में प्रेम, त्याग और विशेष रूप से क्षमा (Forgiveness) की भावना को अपनाएं। उन्होंने कहा कि एक-दूसरे को क्षमा करने से ही हम मसीह के सच्चे प्रेम को समझ और अनुभव कर सकते हैं।
गांव के श्रद्धालुओं ने पूरे समर्पण के साथ क्रूस की इस यात्रा में भाग लिया, जो उनके गहरे विश्वास और ईश्वर में अटूट भरोसे को दर्शाता है। पूरा वातावरण आध्यात्मिक शांति और श्रद्धा से भर गया।

कार्यक्रम का समापन शांतिपूर्ण प्रार्थना के साथ हुआ, जहां श्रद्धालु यीशु मसीह के कष्टों का स्मरण करते हुए अपने-अपने घरों को लौटे।

यह आयोजन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि सच्चा विश्वास और भक्ति दूर-दराज़ के क्षेत्रों में भी पूरी निष्ठा और प्रेम के साथ जीवित रहती है।
