
रांची | भाजपा के स्थापना दिवस के मौके पर झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। झामुमो के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज भाजपा अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है और पार्टी में समर्पित कार्यकर्ताओं की जगह बाहरी चेहरों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा विश्व की सबसे धनी और संसाधनों से परिपूर्ण पार्टी बन चुकी है, इसलिए उसका जश्न भव्य होना स्वाभाविक है। लेकिन सवाल यह है कि क्या किसी राजनीतिक दल की ताकत केवल संसाधनों और प्रचार से तय होती है, या फिर उसकी असली शक्ति उसके कार्यकर्ताओं, विचारधारा और आंतरिक लोकतंत्र में होती है।
विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि आज भाजपा में विचारधारा से ज्यादा “आयातित चेहरे” हावी हैं। पार्टी के पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि बाहर से आए लोगों को शीर्ष पदों पर बैठाया जा रहा है। उन्होंने इसे पार्टी की सोच में आए बदलाव का संकेत बताया।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के भाषण पूरी तरह आत्मप्रशंसा से भरे हुए हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। देश और राज्य में महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों पर भाजपा सरकार पूरी तरह विफल रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले भाजपा को अपने वादों का हिसाब देना चाहिए। अब जनता भावनात्मक भाषणों से नहीं, बल्कि ठोस काम और परिणाम चाहती है।
झामुमो महासचिव ने यह भी कहा कि अन्य दलों पर टिप्पणी करना भाजपा की पुरानी रणनीति रही है, लेकिन इससे जनता के असली मुद्दे नहीं छिपाए जा सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियों के कारण आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है, आर्थिक असमानता बढ़ी है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित हुए हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि झारखंड में झामुमो सरकार जनहित और स्थानीय मुद्दों पर काम कर रही है। उनकी सरकार जल-जंगल-जमीन, सामाजिक न्याय और जनता के अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए बयानबाजी कर रही है।