झारखंड में अनुसूचित जाति आयोग और स्वर्ण जाति कल्याण आयोग गठन की मांग, सीएम हेमंत सोरेन को सौंपा गया ज्ञापन

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रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव विनय सिन्हा ‘दीपू’ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन सौंपकर राज्य में “अनुसूचित जाति आयोग” एवं “स्वर्ण जाति कल्याण आयोग” के गठन की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और सभी वर्गों के संतुलित विकास के लिए इन आयोगों का गठन बेहद आवश्यक है।


ज्ञापन के अनुसार, अनुसूचित जाति समाज को आज भी शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के लाभ लेने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। साथ ही गांव और दूरदराज क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में आयोग के माध्यम से शिकायतों की निगरानी और त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।


इसके अलावा SC युवाओं के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार, छात्रवृत्ति, आवास और स्वास्थ्य योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है। महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए विशेष नीति बनाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।


वहीं “स्वर्ण जाति कल्याण आयोग” को लेकर कहा गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (EWS) के कई परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। गरीब सामान्य वर्ग के युवाओं को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत बताई गई है।
ज्ञापन में बेरोजगारी और पलायन को रोकने के लिए स्थानीय रोजगार नीति तैयार करने, गरीब परिवारों के लिए स्वरोजगार एवं कुटीर उद्योग योजनाएं शुरू करने और गांव स्तर पर महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने की मांग भी की गई है।

महासचिव विनय सिन्हा ‘दीपू’ ने कहा कि यदि इन आयोगों का गठन होता है तो समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को न्याय, सम्मान और विकास के नए अवसर मिलेंगे तथा झारखंड सामाजिक और आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनेगा।

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