जनजातीय भाषाओं के संरक्षण और झारखंडी छात्रों के अधिकारों को लेकर आदिवासी छात्र संघ ने उच्च शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

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रांची: आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उराँव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदीव्य कुमार को ज्ञापन सौंपकर जनजातीय भाषाओं के संरक्षण, उच्च शिक्षा के विस्तार और झारखंडी विद्यार्थियों के अधिकारों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।



ज्ञापन में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में संताली, कुड़ुख, मुण्डारी, हो और खड़िया भाषाओं की पढ़ाई शुरू करने की मांग की गई। साथ ही इन विषयों के लिए आवश्यक शिक्षक पदों का सृजन एवं नियुक्ति करने तथा स्नातक से लेकर पीएचडी स्तर तक अध्ययन एवं शोध की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई।

आदिवासी छात्र संघ ने रांची विश्वविद्यालय के सभी 18 महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर (एमए) पाठ्यक्रम संचालित करने और बीआईटी मेसरा में झारखंडी छात्रों के लिए 50 प्रतिशत राज्य आरक्षण व्यवस्था को पुनः लागू करने की भी मांग उठाई।

ज्ञापन प्राप्त करने के बाद उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदीव्य कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि झारखंड के विद्यार्थियों, जनजातीय भाषाओं और राज्यहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक पहल की जाएगी तथा आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

इस अवसर पर आदिवासी छात्र संघ के रांची विश्वविद्यालय अध्यक्ष मनोज उराँव, रांची जिला अध्यक्ष राजू उराँव, जिला संयोजक सह केंद्रीय कमेटी सदस्य अरविंद टोप्पो, केंद्रीय मीडिया प्रभारी सुमित उराँव, रातू प्रखंड अध्यक्ष रोशन तिग्गा, उपाध्यक्ष पारस उराँव, कोषाध्यक्ष अनुज तिर्की एवं सचिव अमित उराँव सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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