
रांची: सेवा भारती, झारखंड प्रदेश के आयाम प्रमुखों की एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक संस्था के मुख्य न्यासी गुरुशरण प्रसाद की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के विभिन्न सेवा कार्यों की समीक्षा करते हुए आगामी योजनाओं और सामाजिक गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए गुरुशरण प्रसाद ने कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा” का भाव प्रत्येक कार्यकर्ता के जीवन का मूल मंत्र होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाना ही संगठन का सर्वोच्च उद्देश्य है। वहीं, न्यासी चंद्रकांत रायपत ने सेवा कार्यों को गांव-गांव और जरूरतमंद लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया।

प्रांतीय सचिव ऋषि पाण्डेय ने बैठक का संचालन करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, सुपोषण, किशोरी विकास, आपदा प्रबंधन और प्रचार-प्रसार जैसे विभिन्न आयामों की समीक्षा की। बैठक में इन क्षेत्रों में कार्यों को और अधिक गति देने का निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर सेवा भारती (भाग-4) की ओर से संचालित सिलाई प्रशिक्षण केंद्र की सफल छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही आगामी वार्षिकोत्सव की तैयारियों के लिए एक विशेष कार्य समिति का गठन भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उमाशंकर शर्मा ने की, जबकि सचिव विनय लाल, शिक्षिकाएं और निरीक्षक सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का समापन राष्ट्रहित, समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यों को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
