
नई दिल्ली/रांची, 09 जुलाई 2026: झारखंड सरकार ने राज्य को देश का अग्रणी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दौरान सरकार ने AI आधारित सुशासन, डिजिटल नवाचार और भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया।

सरकार ने प्रस्तावित झारखंड AI नीति 2026-2031 की रूपरेखा भी पेश की, जिसके तहत शासन, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, खनन, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में AI तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। साथ ही डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा और जिम्मेदार तकनीकी उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकार ने मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है, जो विभिन्न सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा। इसके अलावा व्हाट्सएप आधारित नागरिक सेवाएं, बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म, डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली और पंचायत स्तर तक डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने की भी योजना बनाई गई है।

बैठक में CM-DIP, हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम (HNVS) और क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम (CMAS) जैसी तीन प्रमुख AI आधारित परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया गया।

झारखंड सरकार ने आगामी पांच वर्षों में ₹1,150 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है। इस राशि का उपयोग AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल क्षमता विकास, नवाचार और विभिन्न सरकारी विभागों में AI तकनीक के विस्तार के लिए किया जाएगा।
सरकार ने रांची में प्रस्तावित 100.97 एकड़ के IT पार्क की भी जानकारी दी, जिसे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), IT कंपनियों, स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा।

Vision-2050 के तहत सरकार का लक्ष्य ₹10,000 करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित करना, 50 से ज्यादा GCC स्थापित करना, 1,000 से अधिक AI स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और 1 लाख से अधिक AI आधारित रोजगार के अवसर सृजित करना है।
सरकार ने तकनीकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों और निवेशकों से झारखंड के डिजिटल परिवर्तन और AI आधारित सुशासन में भागीदारी का आह्वान भी किया।
