जलवायु अखड़ा 2026 में कल्पना सोरेन ने रखा न्यायपूर्ण और सतत विकास का विजन, बोलीं– विकास और प्रकृति साथ-साथ

Spread the love

रांची: राजधानी रांची स्थित ऑड्रे हाउस में आयोजित ‘जलवायु अखड़ा 2026 – रेजिलिएंट झारखंड समिट’ में गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने जलवायु परिवर्तन, न्यायसंगत विकास (Just Transition), प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सतत आजीविका और समुदाय आधारित समाधानों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कल्पना सोरेन ने कहा कि झारखंड की समृद्ध प्राकृतिक विरासत, आदिवासी परंपराएं और सामुदायिक ज्ञान राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक होगा जब वह पर्यावरण संरक्षण के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समान अवसर और सम्मान सुनिश्चित करे।


उन्होंने कहा कि Just Transition केवल ऊर्जा परिवर्तन या नई तकनीक का विषय नहीं है, बल्कि यह न्यायपूर्ण, समावेशी और मानवीय विकास का संकल्प है। झारखंड की संस्कृति सदियों से जल, जंगल और जमीन के साथ संतुलित जीवन जीने का संदेश देती रही है, जिसे आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।


कल्पना सोरेन ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार ऐसा झारखंड बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ विकास का लाभ महिलाओं, किसानों, युवाओं और आदिवासी समुदायों सहित समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, समृद्ध और टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।


उन्होंने अपने संबोधन के अंत में कहा कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती का समाधान केवल सरकारी नीतियों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी, आपसी विश्वास और निरंतर संवाद से ही संभव है। सभी को मिलकर ऐसा झारखंड बनाना होगा, जहाँ विकास के साथ सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय संवेदनाएँ भी समान रूप से आगे बढ़ें।

Leave a Reply