मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की समीक्षा की, अवैध शराब पर सख्त कार्रवाई और 583 उत्पाद सिपाहियों की नियुक्ति के दिए निर्देश

Spread the love

रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में विभाग के राजस्व संग्रहण, अवैध शराब निर्माण एवं तस्करी पर कार्रवाई, रिक्त पदों पर नियुक्ति और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में अवैध मदिरा निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और तस्करी पर पूरी कठोरता के साथ रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि लोगों के जीवन और स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनती है।


बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने निर्धारित 3,885.11 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 4,013.53 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4,500 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें जुलाई मध्य तक 1,376 करोड़ रुपये यानी 30.57 प्रतिशत राजस्व संग्रह किया जा चुका है।


मुख्यमंत्री ने विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरने का निर्देश देते हुए कहा कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया तेज की जाए। अधिकारियों ने बताया कि 583 चयनित उत्पाद सिपाहियों को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।


मुख्यमंत्री ने मदिरा परिवहन वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल लॉक लगाने, निरीक्षण व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने तथा स्पिरिट की खपत और औद्योगिक उपयोग पर विस्तृत अध्ययन करने का भी निर्देश दिया। साथ ही राज्य में मदिरा विनिर्माण नीति और औद्योगिक अल्कोहल विनियमन नीति तैयार करने पर जोर दिया।


उन्होंने जिलों में उत्पाद विभाग के गोदाम निर्माण कार्यों में स्थानीय आदिवासी समुदाय को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।

बैठक में उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, प्रधान सचिव अमिताभ कौशल, उत्पाद आयुक्त संदीप सिंह सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply