
रांची:केंद्र सरकार ने इंडिया एआई मिशन (IndiaAI Mission) के तहत झारखंड को बड़ी सौगात दी है। राज्य के आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में 11 डेटा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लैब स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। इनमें से फिलहाल 6 संस्थानों की पहचान कर ली गई है, जहां एआई, डेटा एनोटेशन, डेटा क्यूरेशन और एप्लाइड डेटा साइंस से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में सांसद परिमल नाथवाणी द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
केंद्र सरकार ने इंडिया एआई स्टार्टअप फाइनेंसिंग पिलर के तहत झारखंड को दो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (AI-CoEs) भी आवंटित किए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य राज्य में एआई इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करना तथा स्टार्टअप, एमएसएमई और शैक्षणिक संस्थानों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना है।
इसके अलावा इंडिया एआई फ्यूचर स्किल्स पिलर के तहत झारखंड को अब तक 8 एआई फेलोशिप मिली हैं। इनमें 2 स्नातक (Undergraduate) और 6 पीएचडी (PhD) शोधार्थियों के लिए फेलोशिप शामिल हैं। इस योजना का उद्देश्य देश में एआई रिसर्च और प्रतिभा विकास को बढ़ावा देना है।
केंद्र सरकार के अनुसार, 7 मार्च 2024 को 10,371.92 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ पांच वर्षों के लिए इंडिया एआई मिशन को मंजूरी दी गई थी। यह मिशन सात प्रमुख स्तंभों—इंडियाएआई कंप्यूट, फाउंडेशन मॉडल, एआईकोश, एप्लिकेशन डेवलपमेंट इनिशिएटिव, फ्यूचर स्किल्स, स्टार्टअप फाइनेंसिंग और सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई—के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
गौरतलब है कि राज्यसभा सांसद परिमल नाथवाणी ने केंद्र सरकार से यह जानना चाहा था कि झारखंड में गवर्नेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने इन महत्वपूर्ण पहलों की जानकारी साझा की।
