
रांची: रांची गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (RGTA) ने रांची नगर निगम की ओर से अपर बाजार और आसपास के क्षेत्रों में ट्रांसपोर्टर्स की व्यवसायिक गतिविधियों को प्रतिबंधित करने संबंधी नोटिस पर प्रतिक्रिया दी है। एसोसिएशन का कहना है कि यदि सरकार ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को शहर से बाहर ले जाना चाहती है, तो पहले सभी ट्रांसपोर्टर्स के लिए उचित वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था की जाए।
RGTA के प्रवक्ता सुनील सिंह चौहान ने कहा कि ट्रांसपोर्टर्स पिछले कई वर्षों से ट्रांसपोर्ट नगर में स्थान उपलब्ध कराने की मांग करते रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस व्यवस्था नहीं हुई है।
एसोसिएशन ने सवाल उठाया कि जिस ट्रांसपोर्ट नगर का उद्घाटन हुए एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है, आखिर वह किसके लिए बनाया गया है और वहां ट्रांसपोर्टर्स के आवंटन की प्रक्रिया क्या है, इसकी स्पष्ट आधिकारिक जानकारी अब तक सदस्यों को नहीं दी गई है।
RGTA का कहना है कि ट्रांसपोर्ट नगर में फिलहाल मात्र 14 कार्यालय और दो बड़े गोदाम बनाए गए हैं। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि यदि सभी ट्रांसपोर्टर्स को वहां स्थानांतरित करना है, तो पर्याप्त कार्यालय और गोदाम की व्यवस्था की जाए।
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि यदि सरकार खुले स्थान पर कार्यालय और गोदाम उपलब्ध कराती है, तो ट्रांसपोर्टर्स अपनी आवश्यकता के अनुसार निर्माण कराने के लिए तैयार हैं। वहीं, पहले से निर्मित दो बड़े गोदामों को जरूरत के अनुसार विभाजित कर ट्रांसपोर्टर्स को उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
RGTA ने कहा कि सरकार चाहे तो इस पूरी व्यवस्था को स्वयं संचालित करे या फिर इसकी जिम्मेदारी रांची गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन को दे। सरकार द्वारा निर्धारित उचित किराया देने के लिए एसोसिएशन तैयार है।

शहर के कारोबार पर असर की आशंका
एसोसिएशन ने चिंता जताई कि यदि छोटे और राज्यस्तरीय ट्रांसपोर्टर्स को पूरी तरह शहर से बाहर कर दिया गया, तो इसका असर रांची के व्यापार पर पड़ सकता है। RGTA के मुताबिक, शहर के बाहर से खुदरा माल की आपूर्ति करने वाले ट्रांसपोर्टर्स की भूमिका व्यापारिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण है।
एसोसिएशन का कहना है कि यदि सभी छोटे ट्रांसपोर्टर्स शहर से बाहर चले जाते हैं, तो इसका असर केवल रांची ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के व्यापार पर पड़ सकता है और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका है।
RGTA ने सरकार और नगर निगम से मांग की है कि बड़े ट्रांसपोर्टर्स को ट्रांसपोर्ट नगर में स्थान उपलब्ध कराया जाए, जबकि छोटे ट्रांसपोर्टर्स के लिए शहर के भीतर ही कोई वैकल्पिक स्थान चिन्हित कर व्यवसाय करने की अनुमति दी जाए। एसोसिएशन का दावा है कि इससे एक ओर शहर के यातायात पर दबाव कम होगा, वहीं दूसरी ओर व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित नहीं होंगी।
RGTA ने स्पष्ट किया है कि उचित वैकल्पिक व्यवस्था मिलने पर ट्रांसपोर्टर्स स्वेच्छा से अपने व्यवसाय को शहर से बाहर ले जाने के लिए तैयार हैं।
