JPSC छात्र आंदोलन: सरकार ने मानी कई मांगें, सुदिव्य कुमार ने की आंदोलन खत्म करने की अपील

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रांची: झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच तीन दिनों तक चली वार्ता के बाद कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी है। रविवार को राज्य के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने प्रेस कांफ्रेंस कर छात्रों और उनके अभिभावकों से आंदोलन समाप्त कर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से ले रही है और जिन मामलों में सरकार के स्तर से कार्रवाई संभव है, उन पर सहमति बनी है। हालांकि JSSC-CGL परीक्षा को लेकर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है।


14वीं JPSC और बैकलॉग परीक्षाएं रद्द करने पर सहमति
वार्ता के दौरान सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा तथा बैकलॉग 2023 और 2025 की परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति जताई है। सरकार के अनुसार परीक्षा से जुड़े मामलों में आगे आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।


परीक्षाओं से जुड़े आपराधिक मामलों की जांच CID से कराने पर भी सहमति बनी है। वहीं, यदि जांच के दौरान वित्तीय अनियमितता या आर्थिक गड़बड़ी के मामले सामने आते हैं, तो सरकार की ओर से ED से जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा।सरकार ने गंभीर मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की दिशा में भी कदम उठाने की बात कही है।



छात्र आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा JSSC-CGL परीक्षा भी है। इस पर सरकार और छात्रों के बीच अभी अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि JSSC-CGL परीक्षा न्यायालय के आदेश के बाद हुई है। ऐसे में इसे रद्द करने का फैसला भी न्यायालय के आदेश के आधार पर ही संभव होगा। उन्होंने कहा कि यदि न्यायालय से कोई आदेश आता है तो सरकार उसका पालन करेगी।


उन्होंने यह भी कहा कि जिन परीक्षाओं के माध्यम से अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है, उनकी नियुक्ति को केवल आंदोलन के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता।
IIM रांची और XLRI की मदद से परीक्षा व्यवस्था में सुधार
सरकार ने भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए परीक्षा प्रणाली में सुधार करने का फैसला लिया है। इसके लिए IIM रांची और XLRI की टीम के साथ मिलकर परीक्षा व्यवस्था में सुधार पर काम किया जाएगा।

JSSC के प्रभारी अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि आगामी परीक्षाओं में प्रीलिम्स के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। परीक्षा में अलग-अलग प्रश्नपत्रों की व्यवस्था और परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले प्रश्नपत्र तय करने जैसी व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है। वहीं मेंस परीक्षा में CBT मोड अपनाने की बात भी कही गई है।


प्रेस कांफ्रेंस में मंत्री सुदिव्य कुमार ने छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार छात्रों से बातचीत कर रही है और उनकी मांगों पर समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।


उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने गलतियां की हैं, उनके खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी। मंत्री ने छात्रों से आंदोलन के बजाय समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।


हालांकि, छात्र प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने स्पष्ट किया कि CBI जांच की मांग अभी भी छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल है। इसलिए वार्ता के बाद भी आंदोलन पूरी तरह समाप्त होगा या नहीं, इस पर अंतिम फैसला छात्रों की बैठक के बाद लिया जाएगा।

विधानसभा घेराव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर CID के एडीजी और रांची जोन के IG मनोज कौशिक ने छात्रों से गतिरोध समाप्त करने और आंदोलन स्थगित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाए।


उन्होंने बताया कि सरकार के आदेश के बाद जांच शुरू कर दी गई है और अब तक अनुसंधान के दौरान आवश्यक कार्रवाई की गई है। JPSC के सभी सदस्यों को नोटिस दिए जाने और उनसे पूछताछ किए जाने की बात भी कही गई।


मनोज कौशिक ने कहा कि CID को यदि किसी व्यक्ति के पास परीक्षा से संबंधित कोई महत्वपूर्ण जानकारी है तो वह उपलब्ध कराई जाए। प्राप्त हर सूचना की जांच की जाएगी।
फिलहाल सरकार और छात्रों के बीच कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन JSSC-CGL परीक्षा और CBI जांच जैसे मुद्दों पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। अब छात्र प्रतिनिधियों की बैठक और उनके अगले फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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