झारखंड में 22 नियुक्ति परीक्षाएं रद्द, 6 स्थगित; JSSC CGL भी रद्द

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रांची। झारखंड में नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितता और कदाचार को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। CID-SIT की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सरकार ने 22 नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द, 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया को अगले आदेश तक स्थगित और 17 परीक्षाओं में संभावित अनियमितता की जांच का आदेश दिया है। कार्मिक विभाग की ओर से इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी गई है।


सरकार के फैसले के तहत JSSC की विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा यानी JSSC-CGL को भी रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2023 और 2025 की रेगुलर एवं बैकलॉग परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं।


पूर्व की 5वीं संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा 2013, 2016 और 2021 को भी रद्द करने का निर्णय लिया गया है। वहीं सिविल जज जूनियर डिवीजन की 2015, 2018 और 2023 की परीक्षाएं, 6वीं लिमिटेड डिप्टी कलेक्टर परीक्षा और 2023 की चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर परीक्षा भी रद्द कर दी गई है।


इन परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित किया गया
सरकार ने कुछ अन्य नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द करने के बजाय अगले आदेश तक स्थगित करने का फैसला लिया है। इनमें फूड एनालिस्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन, डायरेक्टर तथा इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज और बॉयलर इंस्पेक्टर से जुड़ी परीक्षाएं शामिल हैं।


इन परीक्षाओं की प्रारंभिक प्रक्रिया TDPL के अलावा अन्य एजेंसियों के माध्यम से कराई गई थी। सरकार ने संबंधित एजेंसियों की विश्वसनीयता और भूमिका की जांच CID को सौंप दी है।


JPSC-JSSC मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का अनुरोध
सरकार अब JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितता और कदाचार से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए झारखंड हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध करेगी। सरकार का कहना है कि ऐसे मामलों की सुनवाई में तेजी लाना जरूरी है।


परीक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए बनेगा Internal Vigilance Cell


भविष्य में नियुक्ति परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए JPSC और JSSC के कामकाज तथा परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए Internal Vigilance Cell यानी आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ बनाने का फैसला लिया गया है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में संभावित गड़बड़ियों पर नजर रखना और व्यवस्था को मजबूत करना है।


अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में बनेगी उच्चस्तरीय समिति
JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। समिति में राज्य के प्रतिष्ठित संस्थानों के निदेशकों को भी सदस्य बनाया जाएगा।
यह समिति दोनों आयोगों की परीक्षा प्रणाली, प्रक्रिया और व्यवस्था का विस्तृत अध्ययन करेगी और दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

सरकार की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियुक्ति परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता और धांधली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ने भविष्य की परीक्षाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाने के लिए व्यवस्था में व्यापक सुधार का फैसला लिया है।


गौरतलब है कि छात्रों के आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 17 अगस्त को मंत्रियों के साथ बैठक की थी। बैठक के बाद JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर सरकार की ओर से कार्रवाई की घोषणा की गई थी। इसके बाद 18 अगस्त की देर रात कार्मिक विभाग ने संबंधित आदेश जारी कर दिए।
हालांकि, सरकार के फैसले के बावजूद छात्र परीक्षाओं की CBI जांच की मांग पर अब भी अड़े हुए हैं।

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