
रांची। झारखंड राज्य आजीविका कंप्यूटर ऑपरेटर संघ ने अपनी मांगों को लेकर जारी हड़ताल को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया है। संघ की राज्य कमिटी की आपात बैठक में यह फैसला लिया गया। संघ का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
संघ के अनुसार, 20 अगस्त 2026 को मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, JSLPS, ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार द्वारा गठित कमिटी ने संघ के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया था। इस दौरान संघ के महासचिव पंकज कुमार ने मांगों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य कमिटी के समक्ष प्रस्तुत किए।
संघ का आरोप है कि न्यू मॉडल NRLM पॉलिसी के तहत कई संवर्गों के वेतन में 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई, लेकिन डाटा एंट्री ऑपरेटर संवर्ग को इसका लाभ नहीं दिया गया। संघ का कहना है कि न्यू मॉडल NRLM पॉलिसी में डाटा एंट्री ऑपरेटर का पद दर्ज होने के बावजूद केवल FTE कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की गई।
संघ के मुताबिक, कुछ डाटा एंट्री ऑपरेटरों को पहले ही लेवल-7 में शामिल किया गया है और उन्हें ₹37,712 वेतन दिया जा रहा है, जबकि अन्य डाटा एंट्री ऑपरेटरों को अब तक JSLPS की मानव संसाधन नियमावली में लेवल-7 का लाभ नहीं दिया गया है। संघ ने अन्य संवर्गों में भी कर्मचारियों को अलग-अलग तरीके से FTE घोषित किए जाने पर सवाल उठाया है।
21 अगस्त को हुई वार्ता के बाद बढ़ा विवाद
संघ के अनुसार, 21 अगस्त 2026 को झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, JSLPS के साथ मांगों को लेकर वार्ता हुई। वार्ता के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनने का दावा संघ ने किया है। बैठक में कमिटी के सदस्य दीपक उपाध्याय भी मौजूद थे।
संघ का कहना है कि वार्ता के बाद हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया गया और सहमति पत्र जारी करने की बात कही गई। लेकिन संघ के अनुसार, जारी किए गए पत्र में वार्ता के दौरान बनी सहमतियों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया।
संघ ने आरोप लगाया कि पत्र में हड़ताल अवधि के वेतन भुगतान, कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करने और मांगों को पूरा करने की समय-सीमा का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया। इससे संघ के सदस्यों में नाराजगी है।
31 अगस्त को JSLPS मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन
आपात बैठक में निर्णय लिया गया कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। संघ ने घोषणा की है कि 31 अगस्त 2026 को JSLPS ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार के मुख्यालय, धुर्वा, रांची के समक्ष जोरदार प्रदर्शन, धरना और अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
आंदोलन को झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह, सम्मानित अध्यक्ष मुक्तेश्वर लाल, मुख्य संरक्षक गणेश प्रसाद सिंह समेत कई पदाधिकारियों और सदस्यों ने समर्थन देने की बात कही है।
महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से JSLPS ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर संवर्ग की मांगों को जल्द पूरा कराने की अपील की है। महासंघ का कहना है कि वेतन बढ़ोतरी से वंचित अन्य संवर्गों की मांगों पर भी जल्द निर्णय नहीं हुआ तो JSLPS के समक्ष आंदोलन तेज किया जा सकता है।
