भाजपा का बयान हताशा और राजनीतिक दिवालियेपन की पराकाष्ठा : विनोद पांडेय

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रांची, 24 अगस्त 2026: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता के बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने भाजपा के बयान को हताशा और राजनीतिक दिवालियेपन की पराकाष्ठा बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और विपक्षी आवाजों को दबाने की राजनीति करने वाली भाजपा को झारखंड की लोकतांत्रिक सरकार को नसीहत देने का नैतिक अधिकार नहीं है।


विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड सरकार की तुलना इतिहास की गंभीर त्रासदियों से करना राजनीतिक रूप से गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने भाजपा से अमर्यादित बयानबाजी के बजाय जनता के वास्तविक मुद्दों पर बात करने की अपील की।


कानून-व्यवस्था को लेकर भी भाजपा पर हमला
JMM नेता ने कहा कि धरना-प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था और सोशल मीडिया से जुड़े नियमों को तोड़-मरोड़कर पेश करना भाजपा की पुरानी राजनीतिक शैली है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान प्रदत्त अधिकार है, लेकिन कोई भी अधिकार कानून से ऊपर नहीं है। सरकार की जिम्मेदारी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी है।उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई को राजनीतिक दमन बताने के भाजपा के आरोपों को भ्रामक करार दिया।


JPSC मामले पर भी भाजपा को घेरा
JPSC मामले को लेकर भाजपा के आरोपों पर विनोद पांडेय ने कहा कि न्यायालय में सरकार की ओर से कौन अधिवक्ता किस स्तर पर पैरवी करेगा, यह विधिक प्रक्रिया और सरकार के अधिवक्ताओं का विषय है। इसे राजनीतिक षड्यंत्र का रंग देना न्यायिक प्रक्रिया पर अनावश्यक सवाल खड़े करने की कोशिश है।


उन्होंने कहा कि यदि भाजपा के पास JPSC मामले से जुड़े ठोस तथ्य, दस्तावेज या कानूनी आपत्ति है तो उसे सक्षम न्यायालय के समक्ष रखना चाहिए, न कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भ्रम फैलाना चाहिए।


महाराष्ट्र के भाषा विवाद का भी उठाया मुद्दा
विनोद पांडेय ने महाराष्ट्र में भाषा को लेकर सामने आए कथित नियमों का जिक्र करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश के किसी राज्य में रोजगार या रोजमर्रा के काम के लिए आने वाले लोगों के लिए स्थानीय भाषा की परीक्षा अनिवार्य की जाएगी?


उन्होंने कहा कि भाषा को डर और दंड का औजार नहीं बनाया जाना चाहिए। विनोद पांडेय ने भाजपा से सवाल किया कि यदि हिंदी और देश की एकता की बात की जाती है, तो फिर रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले आम लोगों के सामने भाषा की परीक्षा जैसी स्थिति क्यों पैदा की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश को भाषा के आधार पर बांटने की राजनीति कर रही है।


‘युवाओं और विद्यार्थियों के हितों के लिए प्रतिबद्ध सरकार’
विनोद पांडेय ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार युवाओं, विद्यार्थियों और आम जनता के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने भाजपा को सलाह दी कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विरोध के दौरान तथ्यों और भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी जरूरी है।


उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता को भय पैदा करने वाले ऐतिहासिक संदर्भों से डराने के बजाय भाजपा को अपनी नीतियों और कामकाज का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।

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