जनगणना प्रपत्र में ट्रायवल कोलम पुनः रिस्टोर करने को लेकर किया गया सेमिनार..।

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भारत की राजधानी नई दिल्ली के स्थान अंबेडकर भवन नई दिल्ली के सभागार में राष्ट्रीय आदिवासी /इनडिजिनस धर्म समन्वय समिति भारत के सौजन्य से राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें पूरे देश के आदिवासियों के आदिवासी एवं अस्मिता के पहचान को बचाने के लिए ट्राइबल कलम की मांग को विभिन्न प्रदेश से आए आदिवासी समाज के अगुआ एवं सदस्यों के द्वारा बहुत ही गंभीरता पूर्वक रखी गई दिल्ली के जंतर मंतर पर पूर्व आयोजित कार्यक्रम को सरकार के द्वारा निरस्त किए जाने के बाद इस कार्यक्रम को अंबेडकर भवन में आयोजित किया गया।

जनगणना प्रपत्र में अन्य कॉलम/others हटा देने से आदिवासी के अस्तित्व के लिए राष्ट्रीय इंडीजीनस आदिवासी धर्म समन्वय समिति भारत ब्रिटिश शासन काल में ट्रायवल कोलम पुनः रिस्टोर करने के लिए सेमिनार।

इस कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों के आदिवासी समाज के लोगों ने अपना समर्थन दिए , हमारा अपनी पुरानी मांग ट्राइबल काॅलम को सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया गया इ इस कार्यक्रम की अध्यक्षता गेंदा सिंह उइके जीने किया, संचालन राजकुमार कुंजाम जी ने किया , मुख्य संयोजक अरविंद उरांव जी के द्वारा पूरे देश के आदिवासियों को संगठित कर अपने मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखने का आह्वान किया गया।साथी इस कार्यक्रम में जय आदिवासी केंद्रीय परिषद के अध्यक्ष निरंजन हेरेंज टोप्पो राजस्थान से डॉक्टर हीरा मीणा, गिर्राज मीणा ,अंडमान निकोबार से जादो पाहन, आंध्र प्रदेश से रामा राव डोरा, तेलंगाना से मानिक राव अरका,असम से गंगाधर नेताम ,अमित इंति, उत्तर प्रदेश से शिव शंकर गोंड , अशोक कमलेश कुमार गोंड , झारखंड से बिरशु असुर ,शनिचरवा किसान ,गुजरात से दिलीप कुमार धुरिया , राजकिशोर गोंड , मध्यप्रदेश भुवन सिंह कोर्राम, जालंधर सिंह उइके , झारखंड से मुन्ना टोप्पो,बाबूलाल महली,बिरसा कच्छप,रंजीत लाकड़ा, बिरसा पाहन, राजन करमाली, अरविंद करमाली जी बिरशु असुर , विनोद बेदिया रितिका भोक्ता आदि लोग उपस्थित रहे।

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