
रांची | अंश–अंशिका की सकुशल घर वापसी के बाद मौसीबाड़ी मल्लारकोचा खटाल क्षेत्र में पुनर्जन्म जैसा माहौल देखने को मिला। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर अंश–अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की ओर से दही-चूड़ा भोज एवं स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए।

यह कार्यक्रम समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव के नेतृत्व में आयोजित हुआ। इस दौरान अंश और अंशिका को केक काटकर एवं दही-चूड़ा खिलाकर लोगों ने खुशियां साझा कीं। पूरा इलाका उत्सव और भावनाओं से सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैलाश यादव ने कहा कि “अंश और अंशिका की सकुशल वापसी किसी पुनर्जन्म से कम नहीं है। 12 दिनों तक लापता रहे दोनों मासूम बच्चों पर ईश्वर का साक्षात् चमत्कार हुआ है।” उन्होंने बताया कि 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका के साथ अपहरणकर्ताओं द्वारा अमानवीय व्यवहार किया गया। कड़ाके की ठंड में बच्चों को जमीन पर सुलाया गया और खाने-पीने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी।

उन्होंने कहा कि बच्चों के पिता सुनील यादव अत्यंत गरीब और रोज कमाने-खाने वाले व्यक्ति हैं। ऐसे में दोनों बच्चों का अपहरण पूरे परिवार के लिए असहनीय पीड़ा का कारण बन गया था। यह निश्चित रूप से प्रभु की असीम कृपा है कि दोनों बच्चे सुरक्षित अपने घर लौट सके।
कैलाश यादव ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में संघर्ष समिति, पुलिस प्रशासन, पत्रकार समूह, सामाजिक संगठनों, नगरवासियों और व्यापारिक वर्ग का सराहनीय सहयोग मिला। शुरू से ही समिति और प्रशासन के बीच तालमेल बना रहा। चरणबद्ध रणनीति के तहत संघर्ष जारी रखा गया, जिससे परिजनों का मनोबल कभी नहीं टूटा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अंश-अंशिका की सकुशल वापसी में शामिल प्रशासनिक टीम के सभी सदस्यों को जल्द ही सम्मानित किया जाएगा। मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में हजारों लोगों ने सहभागिता की और खुशी का इज़हार किया।
कार्यक्रम में नंदन यादव, रंजन यादव, परमेश्वर सिंह, गौरीशंकर यादव, मिंटू पासवान, संजीत यादव, नीतू देवी, बबन यादव, अभिषेक साहू, मनीष राय, बबलू गोप, राहुल कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।