केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष श्री फूलचंद तिर्की ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि जनजाति सुरक्षा मंच आर एस एस का अनुसांगिक संगठन है आरोग्य भवन जिसमें प्राकृतिक पूजक आदिवासियों को धर्मांतरण करने का काम किया जाता है धर्मांतरित हिंदू आदिवासी नेता सोमा उरांव मेघा उरांव संदीप उरांव हिंदुआ उरांव सनी उरांव जो तन से मन से विचार से व्यवहार से हिंदू धर्म को अपना लिए हैं ईसाई मिशनरी की तरह मूल सरना आदिवासियों को धर्मांतरण कर रहे हैं आरोग्य भवन में बैठकर मूल सरना आदिवासियों को रोज भावना को ठेस पहुंचाते हैं ऐसे लोगों मूल सरना आदिवासी जो हिंदू अथवा इसाई नहीं है उनको मत्तांतरण करने का काम कर रहे हैं। प्राकृतिक पूजक आदिवासियों के धर्म संस्कृति परंपरा बचाने के लिए बाबा कार्तिक उरांव ने केंद्रीय सरना समिति एवं अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद बनाया था बाबा कार्तिक उरांव ने कहा था कि आदिवासी ना तो हिंदू है और ना इसाई परंतु जनजाति सुरक्षा मंच ने बाबा कार्तिक उरांव को धर्मांतरण कर हिंदू बनाने का काम किया है एवं जनजातीय सुरक्षा मंच पर बाबा कार्तिक उरांव का फ़ोटो लगाकर उनका अपमान करने का काम किया है मूल सरना आदिवासी बाबा कार्तिक उरांव का मसीहा मानते हैं एवं उनका अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे उन्होंने सरकार से मांग किया है कि जिस तरह से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर सरना धर्म कोड बिल पारित हुआ था उसी प्रकार विशेष सत्र बुलाकर डी लिस्टिंग भी पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाए एवं ईसाई मिशनरी के साथ-साथ हिंदू आदिवासी नेता सोमा उरांव मेघा उरांव संदीप उरांव हिंदुवा उरांव शनि उरांव एवं अन्य को डिलिस्टिंग किया जाए।
