
रांची, 30 मार्च 2026: सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) ने CSR के तहत मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया है।
आज CCL, रिनपास (RINPAS) रांची और रोटरी फाउंडेशन के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत रिनपास में आधुनिक BrainsWay dTMS मशीन लगाई जाएगी।
यह मशीन एक नई तकनीक पर आधारित है, जिसे डीप ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (dTMS) कहा जाता है। यह पूरी तरह नॉन-इनवेसिव है, यानी इसमें किसी तरह का ऑपरेशन नहीं होता और यह सीधे दिमाग के गहरे हिस्सों पर असर डालकर इलाज करती है।
इस परियोजना की कुल लागत करीब ₹1.98 करोड़ है, जिसमें तीन साल का मेंटेनेंस भी शामिल है। इसका पूरा खर्च CCL अपने CSR फंड से उठाएगा।
यह मशीन खासतौर पर डिप्रेशन, ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) और निकोटीन एडिक्शन जैसी मानसिक बीमारियों के इलाज में मददगार होगी।
अनुमान है कि इस सुविधा से हर साल करीब 600 से ज्यादा मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा।
इसके अलावा इस इलाज को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) और राज्य स्वास्थ्य योजना से जोड़ा जाएगा, जिससे आम लोगों को सस्ता और आसान इलाज मिल सकेगा।
इस अवसर पर CCL के महाप्रबंधक सिद्धार्थ शंकर लाल, रिनपास की निदेशक डॉ. जयंती सिमलाई और रोटरी फाउंडेशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
CCL की यह पहल मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।