रांचीः झारखंड में राजनीतिक उठा-पटक का दौर जारी है। चंपई सोरेन विधायक दल के नेता चुने गए हैं. वह राज्य के नए सीएम होंगे। वे छह बार सरायकेला से विधायक रहे हैं। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. राज्यपाल ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है. उनकी जगह अब झामुमो के वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन नये नेता चुने गये हैं. आलमगिर आलम ने कहा कि हेमंत सोरेन ने इस्तीफा दे दिया है। हमलोगों ने 43 विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि हमलोगों का दावा सही है, शपथ ग्रहण का समय दें। इससे पहले रात 8:27 बजे हेमंत सोरेन ने राजभवन के गेट के सामने अपनी कार से हाथ हिलाकर सबका अभिवादन किया. इसके बाद तेजी से उनकी कार राजभवन में दाखिल हो गई. राजभवन में सिर्फ पांच लोगों को परमिशन दिया गया। इसके पहले सत्तारूढ़ दल के कई विधायक राजभवन पहुंच गए थे. मुख्यमंत्री के राजभवन में दाखिल होने के बाद विधायक बाहर निकल गए. इससे पहले ईडी ने हेमंत सोरेन से सात घंटे तक पूछताछ की। महुआ मांझी ने कहा कि सीएम की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

दिनभर सत्ता पक्ष के विधायक सीएम आवास में जमे रहेबुधवार को दिन भर सत्ता पक्ष के विधायक सीएम आवास में जमे रहे। रात्रि के 8-10 बजे सत्ता पक्ष के विधायक राजभवन पहुंचे। इसके लिए पहले से तीन टूरिस्ट बसें मंगाई गई थी। सीएम हेमंत सोरेन से ईडी की पूछताछ के बीच मुख्य सचिव व डीजीपी मुख्यमंत्री आवा स पहुंचे. इस दौरान एडीएम लॉ एंड ऑर्डर भी मौजूद रहे। रांची के उपायुक्त और एसएसपी भी मुख्यमंत्री आवास पर मौजूद रहे। ईडी की पूछताछ के बीच महाधिवक्ता के बाद अब डीआईजी और आईजी मुख्यमंत्री आवास में पहुंचे।
सेना की जमीन खरीद बिक्री मामले में हो रही पूछताछ सीएम जिस मामले में ईडी पूछताछ कर रही है, वह सेना की 4.55 एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ा है। यह जमीन रांची के बड़गाई अंचल में है। इस मामले में राजस्व उप-निरीक्षक भानु प्रताप की इस संबंध में गिरफ़्तारी भी हो चुकी है. ईडी इस मामले में 20 जनवरी को मुख्यमंत्री से पूछताछ कर चुका है. मुख्यमंत्री से करीब सात घंटे तक जांच एजेंसी ने पूछताछ की थी. इस पूछताछ के बाद भी सीएम को ईडी ने समन जारी किया था। 20 जनवरी से पहले ईडी ने सोरेन को सात समन जारी किए थे लेकिन वो जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए.। 20 जनवरी को ईडी ने सीएम से लगभग सात घंटे तक पूछताछ की थी।आठवें समन के बाद सीएम ने बयान रिकॉर्ड करायाआठवें समन के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने अपना बयान रिकॉर्ड कराया. सोरेन को पहला समन 14 अगस्त 2023 को जारी हुआ था. इस मामले में एजेंसी ने अब तक 14 लोगों की गिरफ़्तारी की है जिसमें 2011 बैच के आईएएस अधिकारी छवि रंजन भी शामिल हैं. पिछले साल 13 अप्रैल को ईडी ने झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में क़रीब 22 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें झारखंड कैडर के आईएएस छवि रंजन से संबंधित ठिकाने भी शामिल थे. रंजन पहले रांची के डीसी भी रह चुके हैं.ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत की थी।

अदालत भी जा चुके हैं सीएम:-
ईडी के समन के ख़िलाफ़ सोरेन पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचे थे लेकिन उन्हें वहां कोई राहत नहीं मिली. सुप्रीम कोर्ट से उन्हें हाईकोर्ट जाने का निर्देश मिला. इसके बाद सीएम ने झारखंड हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली. ईडी ने पिछले साल अक्टूबर में अदालत को बताया था कि मुख्यमंत्री किसी भी समन पर पेश नहीं हुए और ऐसा करके उन्होंने समन का उल्लंघन किया है. सीएम की तरफ़ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पेश हुए और कहा कि सीएम के ख़िलाफ़ कोई मामला दर्ज नहीं है. उन्होंने कहा कि समन में ये स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस रूप में बुलाया गया है आरोपी या गवाह. हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीएम की याचिका ख़ारीज कर दी थी।
सीएम हेमंत सोरेन ने इडी द्वारा 20 जनवरी को पूछे गये सवालों को तथ्यों से परे और गलत करार दिया. साथ ही बजट सत्र की व्यस्तता के बावजूद 31 जनवरी को अपने आवास पर ही बयान दर्ज कराने पर सहमति दी। इसके लिए इडी को इ-मेल भेजा था. इससे पहले सोमवार की सोमवार की सुबह करीब सात बजे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तलाश में दिल्ली के शांति निकेतन स्थित उनके आवास, झारखंड भवन और शिबू सोरेन को आवंटित सांसद आवास पर छापा मारा था. जमीन खरीद बिक्री मामले में पूछताछ के लिए समय निर्धारित नहीं करने की वजह से इडी ने मुख्यमंत्री की तलाश में दिल्ली में छापा मारा था. हालांकि सीएम अपने आवास पर नहीं मिले थे. कथित भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान ईडी ने हेमंत सोरेन के दिल्ली आवास से 36 लाख नकद बरामद किया गया। साथ ही ईडी ने कार भी जब्त की।
सीएम ने ईडी को पत्र में क्या लिखा था:-
सीएम ने ईडी को लिखे पत्र में कहा है कि एजेंसी उनसे 20 जनवरी को सात घंटे पूछताछ कर चुकी है जिसमें उन्होंने करीब 17-18 सवालों का जवाब दिया था. एजेंसी के 3-4 सवाल बड़गाई की एक भूमि से जुड़े हुए थे जिनसे मेरा कोई सरोकार नहीं है वह भूमि पाहन परिवार की है. इसके साथ ही सोहराइ भवन के खाते में वर्ष 2018 से लेकर वर्ष 2022 तक हुए कैश पैसों के बारे में भी ईडी ने सवाल किए लेकिन मुझे कोई खास जानकारी नहीं है क्योंकि वह व्यवसाय मेरी पत्नी स्वतंत्र रूप से देखती हैं. वही सीएम ने बार बार समन भेजे जाने पर कहा है कि बजट सत्र नज़दीक है ऐसे में 31 जनवरी तक पूछताछ के लिए समय माँगा जाना राजनीति से प्रेरित और चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास प्रतीत होता है।
ऐसे चला घटनाक्रम:-
रात्रि 8-10 बजे : सीएम हाउस के अंदर मौजूद बस में विधायक बैठे
रात्रि 8-10 बजे : बस राजभवन के लिए रवाना
रात्रि 8-13 बजेः राज भवन पहुंचे विधायक सबसे पहले अनूप सिंह बस में बैठे।
रात्रि 8-14 चंपई सोरेन को विधायक दल की बैठक में उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया
रात्रि 8-25 बजे : राज भवन से निकले विधायक
रात्रि 8:26 बजे: सीएम हेमंत सोरेन राजभवन पहुंचे
रात्रि 8:31 बजे : दीपिका पांडे सिंह दीपिका पांडे सिंह ने कहा राजभवन ने समय दिया ।सभी विधायकों को बुलाया गया उसके बाद हमें बाहर कर दिया गया सभी विधायक राज भवन के गेट के पास मौजूद
रात्रि 8-47 बजे : मुख्यमंत्री के साथ चंपल सोरेन एवं अन्य तीन मंत्री राजभवन के अंदर गए। यानि सरकार बनाने की दावा पेश करने के लिए पांच सदस्य प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलने गया।