
झारखंड विधानसभा अब डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा चुका है। षष्ठम विधानसभा के पंचम (बजट) सत्र-2026 के दौरान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) परियोजना के तहत आयोजित प्रशिक्षण एवं टैबलेट वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया और विधानसभा परिसर में NeVA सेवा केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि NeVA सेवा केंद्र का उद्घाटन झारखंड विधानसभा के लिए एक नया अध्याय है। इस एप्लीकेशन के माध्यम से विधायी कार्य अब डिजिटल और पेपरलेस तरीके से संपन्न किए जा सकेंगे, जिससे विधायकों को काफी सहूलियत मिलेगी। अब विधायकों को प्रश्न जमा करने या अन्य प्रक्रियाओं के लिए देर रात विधानसभा आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, बल्कि वे डिजिटल माध्यम से अपने कार्य आसानी से पूरा कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के लगभग 20 राज्यों में NeVA एप्लीकेशन के माध्यम से विधायी कार्यों को डिजिटल रूप से संचालित किया जा रहा है और अब झारखंड भी इस दिशा में आगे बढ़ चुका है। विधायकों को टैबलेट प्रदान किए गए हैं ताकि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रश्न, नोटिस और अन्य विधायी कार्यों को सरल और समयबद्ध तरीके से पूरा कर सकें।

उन्होंने कहा कि डिजिटाइजेशन बेहतर समन्वय और पारदर्शिता के लिए जरूरी है। इससे कागजों के उपयोग में कमी आएगी और कार्यों की गति तेज होगी। साथ ही डिजिटल माध्यम से सदस्यों और विधानसभा के बीच संचार भी अधिक प्रभावी होगा।

मुख्यमंत्री ने साइबर सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सुरक्षा संबंधी जानकारी होना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या तकनीकी समस्या से बचा जा सके। इसी उद्देश्य से विधायकों के लिए प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सभी मंत्रियों और विधायकों को टैबलेट प्रदान किए। इस अवसर पर मंत्रीगण, विधायकगण, अधिकारीगण और विधानसभा कर्मीगण उपस्थित रहे।

NeVA सेवा केंद्र के शुभारंभ के साथ झारखंड विधानसभा डिजिटल और पेपरलेस प्रणाली की ओर एक मजबूत कदम बढ़ा चुकी है, जिससे विधायी कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और गति सुनिश्चित होगी।












