झारखंड में राज्यकर्मियों के वेतन व भत्तों पर महासंघ की मांग तेज, सुनील कुमार साह ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील

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रांची: झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह ने विधानसभा में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा विशेष सचिव संवर्ग के वेतन बढ़ोतरी की घोषणा का स्वागत किया है। महासंघ ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए राज्य सरकार से अन्य लंबित मांगों पर भी जल्द निर्णय लेने की अपील की है।


महासंघ ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को याद दिलाते हुए कहा कि राज्यकर्मियों को भी केंद्रीय कर्मचारियों की तरह वेतनमान, भत्ता और ग्रेड पे का लाभ मिलना चाहिए। महासंघ के अनुसार वर्ष 1996 में एकीकृत बिहार सरकार और कर्मचारी महासंघ के बीच हुए समझौते के आधार पर केंद्रीय वेतनमान की सिफारिशें राज्यकर्मियों को लागू की जानी थीं।
महासंघ का कहना है कि केंद्र की 2006 और 2016 की वेतनमान सिफारिशों के कई प्रावधान अब तक झारखंड में लागू नहीं किए गए हैं। कई संवर्गों को संशोधित वेतनमान और ग्रेड पे का लाभ नहीं मिला है। साथ ही परिवहन भत्ता और शिक्षण भत्ता भी राज्यकर्मियों को अभी तक नहीं दिया गया है, जबकि केंद्र में इसका प्रावधान है।


महासंघ ने आरोप लगाया कि सहकारिता प्रसार पदाधिकारी समेत कई निरक्षकीय संवर्गों को 4600 ग्रेड पे के बजाय 2016 से 4200 रुपये दिया जा रहा है, जो गलत है। इसी तरह संशोधित वेतनमान 6500 के स्थान पर 5000 रुपये दिया जा रहा है, जो केंद्र के अनुरूप नहीं है।


महासंघ ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय कर्मचारियों के मामलों में राज्य सरकार बार-बार कमेटी बनाकर निर्णय को टालती रही है। जबकि उच्च पदों पर कार्यरत कुछ संवर्गों को केंद्र के अनुरूप वेतन वृद्धि का लाभ मिल चुका है।


महासंघ ने यह भी उल्लेख किया कि बिहार राज्य में वर्ष 2017 से ही यह लाभ दिया जा चुका है, लेकिन झारखंड में अब तक लागू नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा भेजे गए कई निर्देशात्मक पत्रों पर भी कार्मिक और वित्त विभाग की ओर से अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।


महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह सहित अध्यक्ष देव नारायण सिंह मुंडा, संरक्षक गणेश प्रसाद सिंह, सम्मानित अध्यक्ष मुक्तेश्वर लाल समेत कई पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की है कि राज्यकर्मियों की ग्रेड पे, संशोधित वेतनमान, परिवहन भत्ता, शिक्षण भत्ता सहित सभी लंबित 21 सूत्री मांगों को जल्द पूरा किया जाए।


महासंघ ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन पर भरोसा है कि वे राज्यकर्मियों की लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेंगे।

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