JSLPS कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी, 17-18 अगस्त का प्रदर्शन स्थगित

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रांची: झारखंड राज्य आजीविका कंप्यूटर ऑपरेटर संघ और झारखंड राज्य आजीविका चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ अपनी लंबित मांगों के समर्थन में 13 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस बीच झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS), ग्रामीण विकास विभाग की ओर से दोनों संघों की मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए पत्र जारी किया गया है और हड़ताल समाप्त करने का अनुरोध किया गया है।


दोनों संघों की राज्य कमिटी की आपात बैठक में JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के प्रति विश्वास जताते हुए उम्मीद व्यक्त की गई कि कर्मचारियों की जायज मांगों को जल्द लागू कर इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 17 और 18 अगस्त को स्मार्ट सिटी, धुर्वा स्थित मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के कार्यालय के समक्ष प्रस्तावित प्रदर्शन को स्थगित किया जाएगा। हालांकि, संघों ने स्पष्ट किया है कि उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी, जब तक उनकी मांगों को लागू नहीं किया जाता।


कंप्यूटर ऑपरेटरों की प्रमुख मांगें
डाटा एंट्री ऑपरेटर संवर्ग को मानव संसाधन नियमावली के लेवल-7 में शामिल करने, स्थायी समायोजन करने, 15 किलोमीटर की दूरी के भीतर पदस्थापना करने और राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर सुविधाएं देने की मांग की गई है।
संघ का दावा है कि JSLPS के आदेश संख्या JSLPS/1837, दिनांक 11 दिसंबर 2025 के तहत कुछ डाटा एंट्री ऑपरेटरों को FTE घोषित कर ₹37,712 प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जबकि बाकी कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।


चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की मांगें
हाउस कीपर, ऑफिस बॉय और ऑफिस अटेंडेंट संवर्ग के कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें मानव संसाधन नियमावली के लेवल-8 में शामिल किया जाए और न्यूनतम ₹25,000 प्रतिमाह मानदेय दिया जाए।


इसके अलावा सार्वजनिक अवकाश, रविवार की छुट्टी और महिलाओं को वेतन सहित विशेष अवकाश देने, स्थायी समायोजन करने तथा राज्य कर्मचारियों की तरह अन्य सुविधाएं देने की मांग भी शामिल है।


संघ के अनुसार, JSLPS के उक्त आदेश के तहत आठ हाउस कीपर, ऑफिस बॉय और ऑफिस अटेंडेंट कर्मचारियों को ₹18,000 से ₹28,000 प्रतिमाह मानदेय और FTE का लाभ दिया जा रहा है, जबकि शेष करीब 232 कर्मचारियों को केवल कार्य दिवस के आधार पर ₹450 प्रतिदिन का भुगतान किया जा रहा है। संघ ने इसे असमान और न्यायोचित नहीं बताया है।


दोनों संघों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री, विभागीय सचिव और JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी से कर्मचारियों की मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है, ताकि हड़ताल समाप्त कराई जा सके।
महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह, सम्मानित अध्यक्ष मुक्तेश्वर लाल, मुख्य संरक्षक गणेश प्रसाद सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने सभी मांगों को अविलंब लागू करने की मांग की है।

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