
रांची, 28 अक्टूबर: बंगाल की खाड़ी में बन रहे “मोंथा” चक्रवात को लेकर झारखण्ड सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सभी जिलों के उपायुक्तों को तत्काल सतर्कता बरतने और आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
डॉ. अंसारी ने बताया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार यह चक्रवात एक गंभीर ट्रॉपिकल तूफान का रूप ले सकता है। इसके असर से झारखण्ड के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में तेज हवाएँ, भारी वर्षा और कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की संभावना जताई गई है।
मंत्री ने दिए छह अहम निर्देश
मंत्री ने राज्य के सभी उपायुक्तों से कहा है कि चक्रवात से निपटने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जाएँ।
उन्होंने छह प्रमुख निर्देश दिए हैं—
1️⃣ जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की आपात बैठक कर सभी विभागों को अलर्ट मोड में रखा जाए।
2️⃣ NDRF और SDRF टीमों को संभावित प्रभावित इलाकों में तैनात रखा जाए।
3️⃣ निचले और जलभराव वाले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बनाई जाए।
4️⃣ बिजली, संचार और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखा जाए।
5️⃣ सभी BDO और थानाध्यक्षों को चौबीसों घंटे निगरानी और रिस्पॉन्स के लिए निर्देशित किया गया है।
6️⃣ जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सतर्क किया जाए ताकि वे अफवाहों से दूर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

डॉ. अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी जिलों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी प्रकार की जनहानि या क्षति को न्यूनतम किया जा सके।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि जिलों द्वारा की गई तैयारियों की रिपोर्ट तुरंत आपदा प्रबंधन विभाग को भेजी जाए।
जनता से अपील
मंत्री ने राज्यवासियों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।