झारखंड राज्य के गठन को 25 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, किंतु यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस लंबे कालखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) केवल सात बार ही पूर्ण रूप से परीक्षाएं आयोजित कर पाया है। वहीं, पड़ोसी राज्यों में राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं, जिससे वहाँ के युवाओं को समय पर अवसर प्राप्त होते हैं।
जेपीएससी की इस कार्यशैली से झारखंड के लाखों युवाओं का कीमती समय व्यर्थ हो रहा है। हर परीक्षा के बीच वर्षों का लंबा अंतराल और प्रक्रिया की धीमी गति से उम्मीदवारों में भारी निराशा फैल रही है।

इन्हीं मुद्दों को लेकर झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सतनारायण शुक्ला ने झारखंड में (JKLM) के केंद्रीय अध्यक्ष एवं डुमरी के लोकप्रिय विधायक श्री जयराम महतो से भेंट की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से श्री शुक्ला ने विशेष रूप से आग्रह किया कि वे झारखंड विधानसभा के सदन में इस गंभीर मुद्दे को उठाएं और छात्रों की आवाज़ बनें।
ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें की गईं:
1. जेपीएससी की परीक्षाओं का नियमित आयोजन – हर वर्ष कम-से-कम एक मुख्य परीक्षा सुनिश्चित की जाए।
2. अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट प्रदान की जाए – लंबे विलंब के कारण कई प्रतिभाशाली छात्र आयु सीमा पार कर चुके हैं।
3. लंबित 15 जेपीएससी परीक्षाओं की तिथि जल्द घोषित की जाए – जिससे अभ्यर्थियों का मनोबल एवं आत्मविश्वास बना रहे।
4. सरकार द्वारा पूर्व में किए गए वादे को पूरा किया जाए – जिसमें हर 6 महीने में जेपीएससी परीक्षा कराने की बात कही गई थी।
श्री शुक्ला ने कहा कि यह केवल छात्रों का नहीं, बल्कि पूरे राज्य के भविष्य का सवाल है। यदि समय पर परीक्षाएं नहीं हुईं, तो झारखंड के युवाओं का पलायन और बेरोजगारी और बढ़ेगी।
माननीय विधायक श्री जयराम महतो ने इस मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए आश्वासन दिया है कि वे सदन में इसे पुरजोर तरीके से उठाएंगे और जेपीएससी के ढुलमुल रवैये पर सरकार से जवाब मांगेंगे।
झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स एसोसिएशन सरकार से अपेक्षा करता है कि जल्द ही जेपीएससी का विज्ञापन जारी किया जाए और आयोग को एक समयबद्ध एवं पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने के लिए बाध्य किया जाए।