झारखंड का पहला कमर्शियल फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट शुरू — अब दुमका से उड़ान भरेंगे झारखंड के पायलट ।

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दुमका, झारखंड: झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वी भारत का पहला झारखंड कमर्शियल फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुमका एयरपोर्ट में उद्घाटित किया।

यह संस्थान झारखंड सरकार की पहल पर शुरू किया गया है, जो हर साल 30 योग्य छात्रों को प्रशिक्षित करेगा। इनमें से 15 सीटें आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए रखी गई हैं और उन्हें निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

संस्थान में प्रशिक्षण दो चरणों में दिया जाएगा —
पहले चरण में दुमका में कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) विद मल्टी इंजन रेटिंग का प्रशिक्षण होगा।
दूसरे चरण में प्रशिक्षुओं को एयरबस A-320 टाइप रेटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी।


यह प्रशिक्षण देश के प्रमुख सिविल एविएटर ट्रेनिंग सेंटर्स के सहयोग से कराया जाएगा। पूरी ट्रेनिंग 200 घंटे की होगी।

दुमका एयरपोर्ट पर इस इंस्टीट्यूट के लिए सभी आधारभूत संरचनाएं पूरी कर ली गई हैं। वर्तमान में यहां तीन जेलिन एयरक्राफ्ट, तीन ग्लाइडर और एक स्टीमी एयरक्राफ्ट उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अवसर पर कहा कि यह पहल झारखंड के युवाओं को विमानन क्षेत्र में करियर बनाने का सुनहरा अवसर देगी।

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि इस संस्थान के संचालन के लिए डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) से आवश्यक मान्यता प्राप्त की जा रही है।

डीजीसीए ने फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) के लिए कड़े नियम और मानक तय किए हैं ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और सुरक्षा उच्च स्तर पर बनी रहे। इसके तहत आधुनिक क्लासरूम, सिम्युलेटर, एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस सुविधा, सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम और रिकॉर्ड कीपिंग सिस्टम अनिवार्य हैं।


प्रशिक्षकों (CFI, Deputy CFI, Flight Instructor) की योग्यता, अनुभव और लाइसेंसिंग के लिए भी डीजीसीए ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

थ्योरी और फ्लाइंग दोनों चरणों की परीक्षा डीजीसीए के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित की जाएगी, जिसमें नेविगेशन, मेटिरियोलॉजी और एयर रेगुलेशन जैसे विषय अनिवार्य होंगे।

इस संस्थान की शुरुआत झारखंड को विमानन प्रशिक्षण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


📸 प्रमुख बिंदु (Highlights):

पूर्वी भारत का पहला कमर्शियल फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट

हर साल 30 छात्रों को ट्रेनिंग, 15 आरक्षित वर्ग के लिए

आरक्षित वर्ग को मिलेगी फ्री ट्रेनिंग

दो चरणों में 200 घंटे की फ्लाइट ट्रेनिंग

दुमका एयरपोर्ट पर तैयार सभी आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर

डीजीसीए के मानकों के अनुरूप संचालन

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