
बिहार विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आते ही सियासी हलचल तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने महागठबंधन से 12 सीटों पर दावा पेश किया है और 6 अक्टूबर को आधिकारिक तौर पर तेजस्वी यादव के समक्ष अपनी मांग रखेगा।
झामुमो ने इसके लिए मंत्री सुदिव्य सोनू और पार्टी के महासचिव विनोद कुमार पांडेय को अधिकृत किया है। दोनों नेता पटना में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मुलाकात कर सीटों के बंटवारे पर चर्चा करेंगे।

झामुमो किन सीटों पर दावा कर रहा है?
झामुमो ने बिहार के सीमावर्ती जिलों की निम्नलिखित 12 विधानसभा सीटों की मांग की है:
तारापुर, कटोरिया, मनिहारी, झाझा, बांका, ठाकुरगंज, रूपौली, रामपुर, बनमनखी, जमालपुर, पीरपैंती और चकाई।
पार्टी का कहना है कि इन क्षेत्रों में झामुमो का मजबूत जनाधार है और पहले भी इन सीटों से उसके विधायक जीत चुके हैं।
घाटशिला उपचुनाव में भी जंग तेज ।
बिहार चुनाव के साथ-साथ झारखंड के घाटशिला उपचुनाव को लेकर भी राजनैतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
झामुमो कोटे के मंत्री सुदिव्य सोनू और दीपक बिरूआ ने घाटशिला में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की, जबकि भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने भी दौरा कर रणनीति पर चर्चा की।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि “यह चुनाव अपराधियों और भ्रष्टाचारियों से लड़ाई है”, साथ ही स्पष्ट किया कि उम्मीदवार का चयन भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति करेगी।
कांग्रेस ने चलाया ‘वोट चोर – गद्दी छोड़’ अभियान ।
उधर, झामुमो की सहयोगी पार्टी कांग्रेस ने अपने हस्ताक्षर अभियान को तेज कर दिया है।
‘वोट चोर – गद्दी छोड़’ नाम से चल रहे इस अभियान की मॉनिटरिंग के लिए विशेष प्रकोष्ठ बनाया गया है, जो सभी जिलाध्यक्षों से रिपोर्ट लेकर प्रगति की समीक्षा करेगा।
बिहार चुनाव और घाटशिला उपचुनाव — दोनों जगह महागठबंधन और भाजपा के बीच सीधी टक्कर तय मानी जा रही है। अब देखना होगा कि सीट बंटवारे में कौन-सी पार्टी कितनी बढ़त लेती है।