सहायक आचार्य नियुक्ति में JTET एक पात्रता मात्र है, JTET में 60% को नियुक्ति मे अधार नहीं बनाने हेतु किया जाए पुर्नविचार-टेट सफल सहायक अध्यापक संघ ।

सहायक अध्यापक की ओर से प्रमोद कुमार ने बताया है कि
8259 / 2019 Govt of NCT Delhi and other VS pradip kumar and others का ऐसा मामला है जिसमे प्रदीप कुमार हरियाणा का एक व्यक्ति CTET के द्वारा दिल्ली में नियुक्ति चाहता है जबकि झारखण्ड में CTET लागू नही यहाँ JTET के द्वारा नियुक्ति हो रही है जो झारखण्ड सरकार कराती है दूसरी बात है सहायक आचार्य की नियुक्ति नियमावली की कंडिया 19 का 3 कहती है कि मेधा के आधार पर अनारक्षित पद के लिए तैयार मेधा सूची में समान मापदंड पर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी के आने की स्थिति में उक्त अभ्यर्थी की गणना अनारक्षित वर्ग के अनुमान्य पदो के विरुद्ध की जाएगी।

साथ ही JTET के विज्ञापन 2016 या फिलहाल 2024 में स्पष्ट उल्लेख है कि *शिक्षक पात्रता परीक्षा में उतीर्णता के आधार पर शिक्षक / अनुदेशक पद नियुक्ति का दावा / अधिकार नही होगा क्योंकि यह मात्र एक अहर्ता जॉच परीक्षा है।
आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थी (पीटी ) पात्रता परीक्षा पास करता है परन्तु मेंस में आरक्षित श्रेणी अगर सामान्य अभ्यर्थी से अधिक अंक लाता है तो सामान्य श्रेणी में जा सकता है क्योंकि वह मेंस परीक्षा के अंको के आधार पर बहाल होता है ।
जिसके कारण इतमें डबल आरक्षण का मामला नही बनता है । 8259 / 2019 केश के प्रदीप कुमार दूसरे राज्य से है साथ ही दिल्ली की नियुक्ति नियमावली भी यहाँ के नियुक्ति नियमावली से अलग है।

इस संदर्भ में ऐसे अनेक सुप्रीम कोर्ट के न्यायिक निर्णय है जो स्पष्ट करती है कि मेंस द्वारा नियुक्ति मे आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थी समान्य श्रेणी में जा सकता है । इन बातो से प्राथमिक शिक्षा निदेशक एवं शिक्षा सचिव झारखण्ड सरकार को साक्ष्यो के साथ 2/08/025 को विज्ञप्ति देकर अवगत कराया गया और सहायक आचार्य की नियुक्ति में JTET में 60% इत्यादि पर पुर्नविचार करने हेतु आग्रह किया गया।