
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा जारी परीक्षा कैलेंडर के अनुसार कई भर्ती प्रक्रियाओं की तिथियां तय की गई थीं, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद आयोग की वेबसाइट पर इनसे संबंधित कोई नया नोटिस जारी नहीं किया गया है। इससे अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर (बैकलॉग) भर्ती के लिए विज्ञापन संख्या 05/2018 के तहत स्टैटिक्स, मैथिली और लेबर एंड सोशल वेलफेयर विषयों के लिए 18 और 19 जनवरी को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और इंटरव्यू प्रस्तावित था। हालांकि तय तिथि पर यह कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सका। इस संबंध में आयोग की वेबसाइट पर भी कोई नई सूचना जारी नहीं की गई है। इस सेक्शन में अंतिम नोटिस वर्ष 2025 में नागपुरी भाषा के लिए जारी किया गया था।
इसी तरह असिस्टेंट प्रोफेसर (रेगुलर) भर्ती, विज्ञापन संख्या 04/2018 के तहत जूलॉजी और इंग्लिश विषयों के लिए 19, 20 और 21 जनवरी को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन निर्धारित था। इनमें से केवल जूलॉजी विषय का वेरिफिकेशन ही हो पाया, जबकि इंग्लिश विषय को लेकर अब तक कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है।
इसके अलावा ‘हो’ और ‘पंचपरगनिया’ विषयों के लिए 10 फरवरी को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और इंटरव्यू प्रस्तावित था, लेकिन इस संबंध में भी अब तक कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है।
वहीं यूनिवर्सिटी प्रोफेसर कम चीफ साइंटिस्ट (रेगुलर) भर्ती, विज्ञापन संख्या 10/2023 के लिए 12 फरवरी को इंटरव्यू तय था। निर्धारित तिथि बीत जाने के बाद भी आयोग की ओर से इस बारे में कोई अपडेट जारी नहीं किया गया।
इसी प्रकार एसोसिएट प्रोफेसर कम सीनियर साइंटिस्ट (रेगुलर) भर्ती, विज्ञापन संख्या 17/2023 के लिए 13 फरवरी को इंटरव्यू प्रस्तावित था, लेकिन इस भर्ती प्रक्रिया पर भी आयोग की ओर से अब तक कोई नई सूचना सामने नहीं आई है।
मेडिकल क्षेत्र की भर्तियों में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर (रेगुलर) भर्ती, विज्ञापन संख्या 09/2022 के लिए लिखित परीक्षा 5, 6 और 7 मार्च को निर्धारित थी, लेकिन इन तिथियों के बीत जाने के बाद भी आयोग की ओर से कोई आधिकारिक नोटिस जारी नहीं किया गया।
इसी तरह होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर (रेगुलर) भर्ती, विज्ञापन संख्या 10/2022 और यूनानी मेडिकल ऑफिसर (रेगुलर) भर्ती, विज्ञापन संख्या 11/2022 के लिए भी 5 से 7 मार्च के बीच लिखित परीक्षा प्रस्तावित थी, लेकिन इन परीक्षाओं को लेकर भी अब तक कोई सूचना जारी नहीं की गई है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो JPSC ने अपने परीक्षा कैलेंडर के अनुसार कुछ परीक्षाएं समय पर आयोजित की हैं, लेकिन कई महत्वपूर्ण भर्तियों को लेकर अब भी स्पष्टता का अभाव है। खासकर झारखंड के विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर भर्ती और मेडिकल ऑफिसर भर्ती प्रक्रियाओं में देरी को लेकर आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
वहीं JPSC संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा भी मार्च में आयोजित होने वाली थी। हालांकि अभ्यर्थियों की मांग और एज रिलेक्सेशन मिलने के बाद इसकी तिथि बदल दी गई है और अब यह परीक्षा अप्रैल में आयोजित होगी।