9 फरवरी को केंद्रीय सरना समिति के द्वारा कुर्मी को आदिवासी बनने से रोकने के लिए करेंगे पदयात्रा।

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केंद्रीय सरना समिति कुर्मी को आदिवासी बनने से रोकने के लिए तेतर टोली नयाटोली मोरहाबादी बरियातू आदि गांव टोला का भ्रमण किया गया एवं वहां ग्रामीणों को 9 फरवरी 2024 को मोरहाबादी मैदान से बिरसा चौक तक पदयात्रा में शामिल होने के लिए अभियान चलाया गया एवं नगाड़ा बजाकर तीर, आम डाली ,देकर रूढ़िवादी परंपरा के अनुसार पदयात्रा में शामिल होने का न्योता दिया गया केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष श्री फूलचंद तिर्की ने कहा कि आदिवासी प्राकृतिक पूजक है जो रुढ़िवादी परंपरा संस्कृति को मानते हैं एवं जन्म से लेकर मृत्यु तक पंडित से जन्म संस्कार, विवाह संस्कार,मृत्यु संस्कार पंडित से कराते हैं एवं आदिवासी जन्म से लेकर मृत्यु तक पाहान पुजार मांझी परगनत से नेग दस्तुर पुजा पाठ कराते हैं आदिवासी मरने के बाद उन्हें अपने घरों में स्थान देते हैं जबकि कुर्मी महतो मरने के बाद काशी बनारस में मुक्ति देते हैं कुर्मी महतो अनुसूचित जनजाति का लाभ लेने के लिए आदिवासी बनना चाहते हैं परंतु आदिवासी समाज कुर्मी को कभी आदिवासी बनने नहीं देंगे यदि कुर्मी आदिवासी बनते हैं तो मुखिया सरपंच विधायक सांसद नौकरी पेसा एवं अन्य अनुसुचित जनजाति का मिलने वाला लाभ को लुट लेंगे मौके पर केंद्रीय सरना समिति की महासचिव संजय तिर्की बलकु उरांव सोहन कच्छप तेतर टोली सरना समिति के अनिल पूर्ति कृष्णा मुंडा, मंटु मुंडा सोहन कच्छप एवं अन्य शामिल थे कुर्मी को आदिवासी बनने से रोकने के लिए तेतर टोली नयाटोली मोरहाबादी बरियातू आदि गांव टोला का भ्रमण किया गया एवं वहां ग्रामीणों को 9 फरवरी 2024 को मोरहाबादी मैदान से बिरसा चौक तक पदयात्रा में शामिल होने के लिए अभियान चलाया गया एवं नगाड़ा बजाकर तीर, आम डाली ,देकर रूढ़िवादी परंपरा के अनुसार पदयात्रा में शामिल होने का न्योता दिया गया केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष श्री फूलचंद तिर्की ने कहा कि आदिवासी प्राकृतिक पूजक है जो रुढ़िवादी परंपरा संस्कृति को मानते हैं एवं जन्म से लेकर मृत्यु तक पंडित से जन्म संस्कार, विवाह संस्कार,मृत्यु संस्कार पंडित से कराते हैं एवंआदिवासी जन्म से लेकर मृत्यु तक पाहान पुजार मांझी परगनत से नेग दस्तुर पुजा पाठ कराते हैं

आदिवासी मरने के बाद उन्हें अपने घरों में स्थान देते हैं जबकि कुर्मी महतो मरने के बाद काशी बनारस में मुक्ति देते हैं कुर्मी महतो अनुसूचित जनजाति का लाभ लेने के लिए आदिवासी बनना चाहते हैं परंतु आदिवासी समाज कुर्मी को कभी आदिवासी बनने नहीं देंगे यदि कुर्मी आदिवासी बनते हैं तो मुखिया सरपंच विधायक सांसद नौकरी पेसा एवं अन्य अनुसुचित जनजाति का मिलने वाला लाभ को लुट लेंगे मौके पर केंद्रीय सरना समिति की महासचिव संजय तिर्की बलकु उरांव सोहन कच्छप तेतर टोली सरना समिति के अनिल पूर्ति कृष्णा मुंडा, मंटु मुंडा सोहन कच्छप एवं अन्य शामिल थे।

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