राज्य स्तरीय पंचायत सचिवालय स्वयं सेवक संघ के द्वारा कल से 12/2/24 से फिर एक बार अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन राजभवन के पास शुरू किया जाएगा। स्वयं सेवक संघ अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन तीन बार स्थगित कर चुके हैं। प्रतिनिधी मंडल से वार्ता ग्रामीण विकास मंत्री श्री आलमगीर आलम जी से, झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे से, पंचायती राज निदेशक निशा उरांव जी से, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे से वार्ता हो चुकी है पर हर बार सिर्फ आश्वासन ही दिया गया है और आंदोलन समाप्त कराने का कोई ठोस पल नहीं किया गया है ।

पंचायत सचिवालय स्वयं सेवक के एक-एक सदस्यों का प्रोत्साहन राशि ढाई लाख से लेकर ₹तीन लाख तक का बकाया है। स्वयंसेवक के सदस्यों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है बहुत संकट से हम सभी गुजर रहे हैं बाल- बच्चों को पढ़ना- लिखना, पालन- पोसन में बहुत कठिनाई हो रहा है। भुखमरी के स्थिति से सभी स्वयंसेवक को गुजरना पड़ रहा है। सरकार को जितना इच्छा किया फ्री का काम लेना उतना कम तो ले लिया पर प्रोत्साहन राशि अभी तक बकाया है।

इसलिए पंचायत सचिवालय स्वयंसेवक के सदस्य राज भवन के पास लगातार अपनी पांच सूत्री मांगों को पूरा करने के लिए 200 दिनों तक धरना प्रदर्शन पहले भी कर चुके हैं पर आश्वासन के अलावा कुछ भी प्राप्त नहीं हो पाया है। पहले से निर्धारित प्रोत्साहन राशि को भी सरकार के द्वारा अभी तक नहीं दिया गया है। संघ के प्रतिनिधि मंडल को सिर्फ आश्वासन ही दिया गया है। संघ के सदस्यों को हर बार वार्ता में बोला गया है कि आप लोगों का मांग कैबिनेट से पूरा किया जाएगा पर कब किया जाएगा ,कब कैबिनेट में आएगा, इसका कोई सही जानकारी नहीं दिया गया है सिर्फ आश्वासन दिया गया है। लेकिन मांग अभी तक पूरा नहीं किया गया संघ के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने कहा कि आश्वासन से काम नहीं चलेगा मांग को पूरा करना होगा और पहले का भी जितना बकाया प्रोत्साहन राशि है सरकार को देना पड़ेगा। राज्य सरकार सिर्फ अपना कार्यकाल आश्वासन देकर पूरा करना चाहती है। जब तक हम लोगों को मांग कैबिनेट से पूरा नहीं होगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा और इस बार आश्वासन पर धरना प्रदर्शन स्थगित नहीं किया जाएगा मांग को पूरा करना होगा। तब हीं यहां से हम सभी लोग हटेंगे।
