
रांची, झारखंड। झारखंड राज्य पंचायत सचिव संघ, पलामू शाखा के प्रतिनिधि मंडल ने आज ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान पंचायत सचिवों ने सेवा शर्तों, पद संरचना और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
बैठक में प्रतिनिधियों ने प्रमुख रूप से मांग की कि पंचायत सचिव पद की नियुक्ति नियमावली में संशोधन करते हुए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक (Graduate) निर्धारित की जाए और इस पद को झारखंड पंचायती राज सेवा की मूल कोटि में शामिल किया जाए।
सचिवों ने कहा कि मौजूदा कार्यभार और जिम्मेदारियों को देखते हुए पंचायत सचिव पद का पुनर्मूल्यांकन कर ग्रेड पे ₹2400 किया जाना आवश्यक है। साथ ही, पंचायत सचिवों की पदस्थापना जिला पंचायत राज पदाधिकारी के अधीन की जाए, ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ सके।

महत्वपूर्ण मांगें:
सेवा अवधि एवं शैक्षणिक योग्यता के आधार पर क्रमिक पदोन्नति व्यवस्था लागू की जाए।
प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी के कुल पदों में से 25% पद पंचायत सचिवों के लिए आरक्षित हों।
स्नातक और 5 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण करने वाले पंचायत सचिवों को JPSC सिविल सेवा सीमित प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाए।
क्षेत्रीय दौरे एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए परिवहन भत्ता दिया जाए।
मनरेगा से जुड़े अतिरिक्त कार्यों से पंचायत सचिवों को मुक्त किया जाए।
प्रत्येक पंचायत में एक लिपिक (Clerk) की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।
बैठक के दौरान मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने प्रतिनिधि मंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि पंचायत सचिवों की न्यायसंगत मांगों पर उचित कार्रवाई और उच्च स्तर पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गाँव स्तर पर शासन प्रणाली को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाना है।


