रांची में सरहुल पूजा महोत्सव 2026 की तैयारियां शुरू, 21 मार्च को निकलेगी भव्य शोभायात्रा

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रांची : प्राकृतिक आस्था और आदिवासी संस्कृति के महान पर्व सरहुल पूजा महोत्सव 2026 को लेकर केंद्रीय सरना समिति ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस संबंध में आज दिनांक 15 फरवरी 2026 को केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय कार्यालय, 13 R.I.T बिल्डिंग, कचहरी परिसर रांची में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष श्री फूलचंद तिर्की ने की।


बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि सरहुल प्रकृति पूजक आदिवासियों का सबसे बड़ा और पवित्र पर्व है, जिसे हर वर्ष बड़े हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि सरहुल पर्व धरती और सूर्य के प्रतीकात्मक विवाह के रूप में मनाया जाता है और इसी पर्व के साथ आदिवासी समाज का नया वर्ष प्रारंभ होता है।


सरहुल पूजा महोत्सव के कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 20 मार्च 2026 (शुक्ल पक्ष द्वितीया) को उपवास एवं मछली-केकड़ा पकड़ने की परंपरा निभाई जाएगी।

21 मार्च 2026 (शुक्ल पक्ष तृतीया) को सरहुल पूजा संपन्न होगी तथा दोपहर 1 बजे से भव्य सरहुल शोभायात्रा निकाली जाएगी।


वहीं, 22 मार्च 2026 (शुक्ल पक्ष चतुर्थी) को पारंपरिक फूलखोंशी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।


केंद्रीय महासचिव संजय तिर्की ने कहा कि सरहुल पर्व आदिवासी समाज की प्राचीन परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है, जो आदिकाल से चला आ रहा है। केंद्रीय प्रवक्ता एंजेल लकड़ा ने कहा कि सरहुल पर्व आदिवासी समाज की एकजुटता, एकता और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक है।


वहीं, विमल कच्छप ने कहा कि इस वर्ष सरहुल महोत्सव को पूरे उत्साह और धूमधाम से मनाया जाएगा। प्रमोद एक्का ने बताया कि सरहुल शोभायात्रा पिछले 57 वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही है, जो आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है।


इस बैठक में फूलचंद तिर्की, एंजेल लकड़ा, प्रमोद एक्का, संजय तिर्की, सोहन कच्छप, विनय उरांव, पंचम तिर्की सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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