
रांची | रांची उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के नेतृत्व में आयोजित जनता दरबार एक बार फिर आम जनता के लिए संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन का सशक्त उदाहरण बना।
इस दरबार में तीन वर्षों से अपनी जमीन की दखल-दिहानी के लिए परेशान अनिल उरांव और नीलम उरांव दंपत्ति को समाधान मिला, वहीं सुदूर लापुंग प्रखंड से आई 50 वर्षीय दौलेत कुमारी को मौके पर ही पेंशन योजना का लाभ प्रदान किया गया।

उपायुक्त श्री भजन्त्री ने मौके पर ही सामाजिक सुरक्षा विभाग को निर्देशित कर पेंशन स्वीकृति प्रमाण-पत्र जारी कराया। महिला के चेहरे पर संतोष की मुस्कान प्रशासन की संवेदनशीलता की गवाही दे रही थी।
भूमाफियाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए उपायुक्त ने कहा –
“यदि किसी के पास जमीन से जुड़े वैध कागजात हैं, तो वे जनता दरबार में आकर प्रस्तुत करें।”
ईटकी अंचल के भूदान भूमि विवाद पर उन्होंने अंचलाधिकारी को निर्देश दिया कि किसी भी तरह का अवैध कब्जा न होने पाए। वहीं सिल्ली अंचल के दाखिल-खारिज मामले में विलंब पर संबंधित अधिकारी को फटकार लगाई गई।

रातू रोड और पिस्का मोड़ क्षेत्र में अतिक्रमण नहीं हटाने पर हेहल सीओ को शोकॉज नोटिस देने और “प्रपत्र-क” गठित करने का निर्देश भी दिया गया।
उपायुक्त श्री भजन्त्री ने कहा कि –
“अंचलाधिकारी केवल कर्मचारियों की रिपोर्ट पर निर्भर न रहें, स्वयं फील्ड विजिट कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।”
जनता दरबार में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, राशन कार्ड, प्रमाण-पत्र, सामाजिक सुरक्षा एवं राजस्व संबंधित कई मामलों का निपटारा किया गया।
श्री भजन्त्री ने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य है —
“आम लोगों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान ताकि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।”

