
राँची के नामकुम टाटीसिलवे के ऐतिहासिक डोल मेला घूमने आए ग्रामीणों पर काल बनकर आई कार ने मेला घूमने आएं 1 दर्जन से अधिक लोगों को चपेट में ले लिया जिससे दो की मौत हो गई जबकि 1 दर्जन घायलों का स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है।

बता दे कि एक की स्थिति को देखते हुए रिम्स रेफर किया गया है घटना के बाद मेला परिसर में अफरातफरी मच गई मृतकों में 65 वर्षीय भोला शर्मा मासु अनगड़ा , रीमा कुमारी 22 वर्ष पिता प्रमोद वर्मा , मिलन चौक अनगड़ा शामिल हैं, वहीं घायलों में पप्पू साव 32, सुलोचना देवी 55, रश्मि कुमारी 19, पुनम कुमारी 22, अरुणा एक्का 18, तारा देवी 38, रौशनी कुमारी 22 (तारा देवी की बेटी), मोनिका देवी 38, आयुश 5, अंशिका 7 (दोनों भाई बहन, पिता टिंकू कुमार ), लोखन मंडल, निशु लकड़ा शामिल हैं.

जानकारी के अनुसार हर वर्ष की तरह टाटीसिलवे के मानकी ढीपा में ऐतिहासिक डोल मेला का आयोजन किया गया था. शनिवार को मेला का तीसरा दिन था जिसमें शामिल होने आसपास के दर्जनों गांवों से सैकड़ों लोग शामिल होने पहुंचे थे. सड़क के दोनों ओर बाजार लगा होने की वजह से सड़क पर भी काफी संख्या में लोग आवागमन कर रहे थे.

इसी बीच लगभग पांच बजें अनगड़ा की ओर से आ रही बैगनआर कार जेएच 05सीपी 4627 ने अचानक भीड़ शामिल लोगों को चपेट में ले लिया. दुर्घटना से अफरातफरी मच गया.

मेला ड्यूटी में तैनात एएसआई रवि कुमार ने तत्परता दिखाते हुए स्थानीय लोगों की सहायता से सभी घायलों को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया जहां भोला शर्मा एवं रीमा को डॉक्टरों को मृत घोषित कर दिया. वहीं घायलों का इलाज चल रहा है.
शव रखकर किया सड़क जाम, वाहनों की लंबी कतार
घटना से गुस्साएं लोगों ने पहले मानकीढीपा मेला परिसर के सामने सड़क जाम कर दिया. कुछ देर रुकने के बाद सभी दोनों शवों को टाटीसिलवे के बैंक मोड़ चौक में रखकर रांची खेलगांव रोड़ जाम कर दिया जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी इंस्पेक्टर हंसे उरांव ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे थे परंतु ग्रामीण मुआवजा एवं कार चालक पर कार्रवाई करने की मांग पर अड़े थें. जाम एवं ग्रामीणों को उग्र होता देख भारी संख्या में पुलिस बल बुलाया गया था.
मृतक के परिजनों ने मेला संचालकों के उपर आरोप लगाया कि पूर्व से मेला दो दिन लगाया जाता रहा हैं. इस वर्ष 12 एवं 13 मार्च को मेला था तो 14 तक क्यूं लगाया गया. उन्होंने संचालकों पर विधि व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए. घटना के बाद से प्रशासन के आदेश पर मेला बंद कर दिया गया. वहीं दुर्घटनाग्रस्त कार को थाना ले आई।

