धूमधाम से निकली सरहुल शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में झूमे आदिवासी समाज के लोग

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रांची | राजधानी रांची में प्रकृति पर्व सरहुल पूजा महोत्सव पूरे उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न गांवों और टोलों से आए लोगों ने पारंपरिक ढोल-नगाड़ा और मांदर की थाप पर भव्य शोभायात्रा निकाली।


शोभायात्रा में महिलाएं लाल पाड़ साड़ी और पुरुष धोती-गंजी पहनकर पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। सभी लोग नाचते-गाते हुए हातमा से सिरम टोली सरना स्थल पहुंचे, जहां पूजा-अर्चना की गई।


बताया गया कि हाथमा से निकली पहली शोभायात्रा शाम 5 बजे जगलाल पहान के नेतृत्व में सिरम टोली पहुंची।
इस दौरान केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि सरहुल महापर्व आदिवासी समाज की संस्कृति और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक है, जिसे हर साल बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि इस शोभायात्रा में आदिवासी परंपरा और संस्कृति की अद्भुत झलक देखने को मिलती है, जो समाज की एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करती है।


मौके पर केंद्रीय सरना समिति के संरक्षक भुवनेश्वर लोहारा, महिला मोर्चा की अध्यक्ष एंजेल लकड़ा, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष सत्यनारायण लकड़ा, सहित राहुल तिर्की, संगीता कच्छप, प्रदीप लकड़ा और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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