झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक संरक्षक आदरणीय दिशोम गुरु श्री शिबू सोरेन का निधन पार्टी, झारखण्ड राज्य एवं समस्त देश के आदिवासी मूलवासी शोषित दलित मजदुर किसान महिला जान समुदाय के लिए हिमालय स्खलन है।

आदरणीय गुरु जी ने अपने जीवन कल में धारा के विपरीत जा कर संघर्ष किया और कभी भी पराजित नहीं हुए | गुरूजी के संघर्षपूर्ण जीवन को आत्मसात करते हुए देश के दबे कुचले समाज ने अपनी पहचान सम्मान तथा अधिकार प्राप्त किया | गुरूजी ने हमेशा अज्ञानता क विरूद्ध पढ़ाई, शोषण के विरुद्ध लड़ाई तथा सम्मान पूर्ण जीवन यापन के लिए संघर्ष करने का राह दिखाया |
गुरूजी शारीरिक तौर पर पार्टी के साथ अब नहीं रहे लेकिन उनकी शिक्षा पार्टी के हर सदस्य को जीवन के कठिन परिस्थितियों में भी पराजय को स्वीकार ना करने के प्रण के साथ एक आधार की तरह कठोर स्तम्भ बन कर कायम रहेगा |