विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर संस्थान के J.E. Dhunjibhoy Academic & Research Center, कांके, Ranchi में कार्यशाला का आयोजन प्रेस एवं मीडिया बंधुओं के लिए किया गया। स्वागत भाषण देते हुए संस्थान के निदेशक प्रोफेसर अमूल रंजन सिंह ने इस वर्ष के विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के विषय “आत्महत्या पर दृष्टिकोण बदलें” पर बताया कि आत्महत्या को अपराध की श्रेणी से मुक्त कर कर दिया गया है और ऐसी गंभीर परेशानी से जूझ रहे लोगों को दण्ड से पुनर्वास की ओर स्थानांतरित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रेस एवं मीडिया का इस प्रयास में अवियोज्य योगदान बताया।

इस मौके पर मुख्य अतिथि श्री Surendra Lal Soren (President, Ranchi Press Club) ने जिम्मेदार मीडिया रिपोर्टिंग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन के अनुभव भी सभा से साझा किए। रिनपास के मनोचिकित्सक डॉक्टर सिद्धार्थ सिन्हा ने विचार विमर्श करते हुए ( एनसीआरबी) द्वारा दिए गए आंकड़ों को दर्शाया। उन्होंने आत्महत्या पर लगाम लगाने के लिए सहयोगात्मक प्रयास करने की बात कही। इसके अलावा शीघ्र उपचार के महत्व को भी बताया। उन्होंने श्रोताओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों पर भी काफी विस्तार से अपनी बात रखी ।

अंत में डॉक्टर विनोद कुमार महतो, संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक ने सभी को इस मौके पर धन्यवाद ज्ञापन किया
इस मौके पर संस्थान की उपनिदेशक महोदया श्रीमती सीमा सिंह, मनोचिकित्सा विभाग की अध्यक्ष डॉक्टर जयति सिमलाई, डिपार्टमेंट ऑफ साइकेट्रिक सोशल वर्क की विभाग अध्यक्ष डॉक्टर मनीषा किरण, डॉक्टर मसरूर जहॉ, अपर प्राध्यापक नैदानिक मनोविज्ञान विभाग एवं संस्थान के शिक्षक, चिकित्सक, पी ० एस ० डब्ल्यू ० कर्मी, छात्र-छात्राएं व अन्य लोग मौजूद थे।

Note: संकट में फंसे लोग मानसिक सहायता के लिए रिनपास आत्महत्या रोकथाम हेल्पलाइन पर संपर्क करे।
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Helpline number 9471136697
