
झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की कृषि मंडियों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, सुरक्षा व्यवस्था और अव्यवस्थित इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दे पर शुक्रवार को राज्य की कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मंडियों को अत्याधुनिक स्वरूप देने और किसान-व्यापारी हितों को ध्यान में रखते हुए सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया।
चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने मंत्री को बताया कि मंडियों में पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिससे न केवल व्यापारियों बल्कि उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने पंडरा कृषि मंडी को पहले चरण में “आदर्श मंडी” के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा।
प्रतिनिधियों ने बताया कि मंडियों में सुरक्षा गार्ड की कमी के कारण चोरी और छिनतई की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इन समस्याओं की जानकारी कई बार बाजार समिति के सचिवों को दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सभी मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने जल्द ही पंडरा मंडी का दौरा करने और राज्यभर के खाद्यान्न व्यापारियों के साथ बैठक कर आवश्यक व्यवस्थाओं पर निर्णय लेने की बात कही।
मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया व राम बांगड़, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव नवजोत अलंग व रोहित पोद्दार, कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, रांची चेंबर अध्यक्ष संजय महुरी, आलू-प्याज थोक विक्रेता संघ अध्यक्ष मदन साहू, सदस्य गणेश अग्रवाल समेत पंडरा मंडी के कई व्यापारी शामिल थे।
